सम्पूर्ण मिथिला क्षेत्र में 31 अक्टूबर को होगा 2024 की दीवाली।
तेघड़ा से आर एम न्यूज़ मीडिया संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट
तेघड़ा /बेगूसराय
मिथिला के सभी पंचागों ज्योतिषाचार्य एवं विद्वानों का एक मत 31 अक्टूबर को हो दिवाली।
दीपावली के नजदीक आते ही देश के अलग-अलग क्षेत्र से प्रकाशित होने वाले पंचांग एवं विद्वानों में मतभेद देखने को मिल रहा है। एक तरफ देश के कई पंचांग एवं विद्वान 1 नवंबर को तो दूसरी ओर कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय पंचांग एवं अन्य मिथिला के पंचांगों में 31 अक्टूबर को दीपावली मनाने का निर्णय दे रहे हें। दूसरी ओर बिहार सरकार के द्वारा दिया जाने वाला अवकाश 31 अक्टूबर को घोषित किया गया है। दीपावली ,छठ एवं कार्तिक मास में होने वाले व्रत त्योहार पर शास्त्रिक निर्णय विचार करने हेतु ज्योतिष,धर्मशास्त्र, कर्मकांड एवं वेद के प्रमुख विद्वानों ने अपना अपना मंतव्य दिया है, जिसमें शोकहरा के ज्योतिषाचार्य अविनाश शास्त्री, रानी गोधना के पंडित अनिल झा,निपानिया के पंडित जटाशंकर झा,
सिमरिया के पंडित नवकान्त पाठक,
वेदाचार्य शिक्षक दीपक शास्त्री,
श्री रामचरितमानस प्रचार संघ के वेदाचार्य चंदन ठाकुर,
महारथपुर के पंडित सोमेशकांत ठाकुर,
बलिया के पंडित श्वेतांबर मिश्र आदि ने शास्त्र मंथन एवं विचार विमर्श कर निर्णय लिया है कि दीपावली 31 अक्टूबर को ही होगा।
इस संदर्भ में ज्योतिषाचार्यों ने बताया है कि 31 अक्टूबर को सूर्यास्त से पूर्व ही 22 दंड 16 पल अर्थात अपराह्न 3 बजकर 23 मिंट में चतुर्दशी समाप्त हो जाएगा और अमावश्या का प्रवेश हो जाएगा इस लिए दिवाली लक्ष्मी पूजा 31 को ही उचित है।
अविनाश शास्त्री ने बताया कि तिथि निर्णयों से जुड़े हुए ग्रंथों में ऐसा निर्णय आया है कि प्रतिपदा युक्त अमावश्या तिथि में दिवाली पूजा दोषयुक्त होता है और चतुर्दशी युक्त अमावश्या तिथि ग्रहण करना चाहिए।
31 अक्टूबर को
शाम 6 बजकर 28 मिंट से रात्रि 8 बकजर 24 मिंट तक वृषलग्न
मध्यरात्रि बाद 12 बजकर 51 मिंट के बाद 3 बजकर 7 मिंट तक सिंह लग्न
ये दोनों समय स्थिर लक्ष्मी प्राप्ति,व्यापर समृद्धि,संतान सुख के लिए उत्तम योग है।
क्षेत्र के विभिन्न विद्वानों ने एक मत से यह निर्णय दिया कि दीपावली 31 अक्टूबर को मनाया जाएगा साथ ही
धन्वंतरि जयंती धनतेरस
29 अक्टूबर
मंगलवार,हनुमान जयंती 30 अक्टूबर बुधवार ,अन्नकूट गोवर्धन पूजा 2 नवंबर शनिवार ,भैया दूज जन्म द्वितीय 3 नवंबर रविवार को मनाया जाएगा।



