बेगूसराय जिलान्तर्गत तेघडा प्रखण्ड के बरौनी नगर परिषद के वार्ड नंबर 26, फुलो चौक, बारो निवासी स्व० परमेश्वर पोद्दार जी की धर्मपत्नी कृष्णा देवी का श्रद्धांजली समारोह सह चौरासी भोज का आयोजन किया गया।
जिसकी अध्यक्षता वैश्य जागरण मंच के जिलाध्यक्ष बुटन साह ने किया तथा मंच संचालन जिला महासचिव सह पूर्व सरपंच महंथ सुशील दास ने किया । मुख्य अतिथिगण वैश्य जागरण मंच के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डा० राजकुमार आजाद, राष्ट्रीय अध्यक्ष डा० कैलाश महतो, महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष डा० पूनम आजाद, युवा राष्ट्रीय महासचिव डा० आचार्य गणेश पोद्दार, युवा प्रदेश अध्यक्ष डा० केशव गांधी,तकनीकी प्रकोष्ठ के बिहार प्रदेश उपध्यक्ष ई० आर्यन कुमार, सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के बेगूसराय जिलाध्यक्ष अशोक दास, भोपाशारापा अंबेडकर इंटरनेशनल फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा० सुधीर पासवान,पं० बंगाल के प्रदेश अध्यक्ष राजेश्वर पोद्दार, भाजपा मंडल अध्यक्ष ओमप्रकाश गुप्ता सहित सैंकड़ो समाजसेवियों तथा जनप्रतिनिधियों ने सर्वप्रथम स्व० कृष्णा देवी के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजली दिया। डा० आजाद ने संबोधित करते हुए कहा कि वैश्य समाज का पहला और अंतिम लक्ष्य सत्ता होना चाहिए। समाज में उसी जाति का सर्वांगीण विकास होता है जिस जाति का मुख्यमंत्री अर्थात राजा होता है। जिस जाति का मुख्यमंत्री होता है, उस जाति को पालकी में बैठे हुए राजा जैसे सुखद अनुभूति का आनंद प्राप्त होता है। जिस जाति का विधायक, सांसद होता है, उस जाति को पालकी ढोने वाले कहरिया जैसा अनुभूति प्राप्त होता है और जिस जाति का कोई विधायक, सांसद नहीं होता है, उस जाति को बहुत दूर खड़े होकर राजा की पालकी देखने वाले भिखारी जैसा घुटन महसूस करता रहता है लेकिन उस भिखारी जाति का तथाकथित दोगला, दलाल, भडुआ, कहरिया किस्म का हिजड़ा नेता पालकी के आगे हिजड़ा की तरह राजा की पालकी के आगे नाच नाचकर जयकारा लगाता रहता है। उस भिखारी सरीखे जाति के आंखो से गिरता रहता है लेकिन उस हिजड़ा नेता को समाज से क्या लेना देना, उसको तो नाचकर राजा का भडुआ जो बनना है। राष्ट्रीय अध्यक्ष डा० कैलाश महतो ने संबोधित करते हुए कहा कि हिन्दुस्तान में जितने भी मंदिर, धर्मशाला, विधानसभा, लोकसभा है, सबके सब वैश्य के पूर्वजो ने बनवाया है। उन सभी पर अधिकार स्थापित करना ही वैश्य का प्रथम और अंतिम लक्ष्य होना चाहिए। फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा० सुधीर पासवान ने संबोधित करते हुए कहा कि जिस जाति का राजा है, अगर वह खुशी मनाता है तो समझ में आता है लेकिन राजा के देखादेखी जब कहरिया और भिखारी जाति भी भोज देकर खुशी मनाता है तो समझ के परे हो जाता है। स्व०कृष्णा देवी के चारों सुपुत्रों विकास, मनोज, जीतेन्द्र,वीरेन्द्र, भतीजा चमथा कालेज के प्रोफेसर प्रशांत पोद्दार, रेल के सीनियर सेक्शन इंजीनियर प्रीतम पोद्दार,शिक्षक प्रभात पोद्दार, नालंदा विश्वविद्यालय के लाइब्रेरियन अभय पोद्दार अपने सभी सगा संबंधियों सहित सभी अतिथियों का यथोचित सम्मान किया तथा स्वादिष्ट पूर्ण भोजन करवाकर कर विदा किया।


