पूर्व विधायक वीरेंद्र महतो ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का किया निरीक्षण
तेघड़ा, बेगूसराय कई दिनों से गंगा नदी के जलस्तर में जारी लगातार वृद्धि ने लोगों की दुर्गति बढ़ा दी है। घर, स्कूल, गली, मोहल्ले बाढ़ में डूब चुके हें। पीड़ितों एवं पशुओं के लिए अब बांध और बगीचा ही बसेरा बन गया है। दियारा क्षेत्रवासी अपने खेत में लगी फसल क्षति होने के बाद अब अपनी जान माल की सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित नजर आ रहे हें। वही शनिवार को निपनियां मधुरापूर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करने पहुंचे पूर्व विधायक वीरेंद्र महतो को बाढ़ से पीड़ित लोगों ने कई समस्याओं से अवगत करवाया । वही बाढ़ग्रस्त इलाकों की जो भी समस्या था उन्होंने बेगूसराय डीएम और तेघड़ा एसडीओ से बात कर निदान की पहल की बात कही है।
निपनियां मघुरापुर से लेकर रात गांव, पिढ़ौली तक गंगा नदी में चार दिनों से हो रही वृद्धि से दियारा में बाढ़ का पानी से जलमग्न हो गया है हालांकि जल स्तर में थोड़ी कमी महसूस की गई है।
रात गांव पंचायत के वार्ड संख्या 13 ,14 भगवानपुर चक्की वहीं आधारपुर पंचायत के बिनलपुर अजगर बर वार्ड संख्या 7 के अलावे अन्य प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों में खलबली मची हुई है । वही लोग पशु को लेकर रात गांव के गुप्ता बांध पर और अगल- बगल गाछी में अपना डेरा डाल चुके हें। रात गांव की बाढ़ पीड़ितों ने उन्हें बताया कि अब तक मवेशियों की चारा की व्यवस्था नहीं हुई है। जिला पदाधिकारी के आदेश के बावजूद भी सामुदायिक किचन पर भोजन कागज के थाली और प्लास्टिक के प्रतिबंधित गिलास के सहारे खिलाई जा रही है । उन्होंने व्यवस्था में सुधार को लेकर जिला पदाधिकारी से बात कर व्यवस्था में सुधार की बातें कही। उन्होंने सामुदायिक किचन का निरीक्षण करते हुए राहत कार्य में लगे कर्मियों को व्यवस्था में सुधार लाने की हिदायत दी। रात गांव एवं बिनलपुर के विस्थापित लोगों ने बताया कि ने बताया कि प्रशासन के द्वारा तीन नाव, विस्थापित लोगों में आवश्यकता से बहुत ही कम है, वही रात गांव वार्ड संख्या 3 के उप मुखिया मोहम्मद इब्राहिम ने बताया कि वार्ड संख्या 13 में 140 घर बाढ़ से ग्रसित है जहां मात्र 7 परिवार को ही पॉलिथीन की व्यवस्था की गई है। उन्होंने मवेशी उपचार केंद्र का निरीक्षण करते हुए भ्रमणशील पशु चिकित्सापदाधिकारी डॉ रमेश एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए मेडिकल उपचार केंद्र, काफी ज्यादा लिया जहां कमी के साथ सभी महत्वपूर्ण दवा की उपलब्धता देखी गई। डॉ रमेश ने बताया कि अब तक 130 मवेशियों का उपचार किया गया है। वही हेल्थ कैंप के एएनएम द्वारा बताया गया की 230 लोगों का अब तक सर्दी खांसी संबंधी छोटी-छोटी समस्याओं के निदान के लिए दवा दिया जा चुका है । दोनों जगह के लोगों ने बताया कि सामुदायिक किचन की व्यवस्था में सुधार हुआ है लेकिन स्वच्छ पेयजल और अस्थाई शौचालय नहीं होने से महिलाओं के लिए बड़ी परेशानी का सबब बना हुआ है। प्रखंड विकास पदाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि हम लोग पूरे प्रशासनिक टीम लगातार निरीक्षण कर रहे हें । कुल नौ जगह सामुदायिक किचन चल रहा है, निपनिया मघुरापुर में तीन सामुदायिक किचन, बरौनी दो पंचायत क्षेत्र में दो सामुदायिक किचन, आधारपुर बिनलपुर में एक सामुदायिक किचन, और रात गांव के ठाकुरबारी एवं रेनबो स्कूल में एक -एक किचन चल रहा है। वहीं पशुपालन विभाग के डॉक्टर रमेश ने बताया कि फिलहाल पशु चारा के लिए एक गाड़ी भूसा रात गांव पंचायत लाया गया है। जहां पशुपालकों के बीच उसका वितरण प्रारंभ कर दिया गया है। वही क्षेत्र के जमींदारी बांध से दर्जनों जगह नदी की पानी बांध के इस पर रिसने पर कैंप कर रहे सहायक अभियंता मनीष कुमार एवं कनीय अभियंता पंकज कुमार प्रियदर्शी ने बताया कि गंगा नदी का जलस्तर में मामूली कमी आई है। बांध की चौड़ाई और ऊंचाई करने की आवश्यकता है। तब जाकर पानी का रिसाव नहीं होगा । वही अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रामकृष्ण ने बाढ़ क्षेत्र में लगाए गए विभिन्न मेडिकल कैंप का निरीक्षण करते हुए। स्वास्थ्य कर्मियों को कई आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि मानव सेवा की भावना से सभी लोगों को स्वास्थ्य सुविधा के साथ ही बाढ़ के समय और पानी के निकलने के उपरांत सावधानियां और परामर्श देने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें


