Breaking Posts

6/trending/recent
Type Here to Get Search Results !

Photography

बाढ़ से घिरे ग्रामीणों के सामने भोजन , और पशुओं के चारे का संकट

बाढ़ से घिरे ग्रामीणों के सामने भोजन , और पशुओं के चारे का संकट

तेघड़ा से आरएम न्यूज़ संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट 

तेघड़ा /बेगूसराय

कई दिनों से गंगा नदी के जलस्तर में जारी लगातार वृद्धि ने लोगों की दुर्गति बढ़ा दी है। घर, स्कूल, गली, मोहल्ले बाढ़ में डूब चुके हें। बाढ़ पीड़ितों एवं पशुओं के लिए अब बांध और बगीचा ही बसेरा बन गया है। दियारा  क्षेत्रवासी अपने खेत में लगी फसल क्षति होने के बाद अब अपनी जान माल की सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित नजर आ रहे हें। हालांकि प्रशासन का दावा है कि बाढ़ को लेकर सभी तैयैरियां पूरी है और राहत कार्य जारी है । निपनियां मघुरापुर से लेकर रात गांव, पिढ़ौली  तक गंगा नदी में चार दिनों से हो रही वृद्धि से दियारा में बाढ़ का पानी से जलमग्न हो गया है ।रात गांव पंचायत के वार्ड संख्या 13 ,14 भगवानपुर चक्की वहीं आधारपुर पंचायत के बिनलपुर अजगर बर वार्ड संख्या 7 के अलावे अन्य प्रभावित क्षेत्रों के  ग्रामीणों में खलबली मच गई है । वही  लोग पशु को लेकर रात गांव के गुप्ता बांध पर और अगल- बगल गाछी में अपना डेरा डाल चुके हें। चूल्हा नहीं जलने की स्थिति में विस्थापित ग्रामीणों के सामने बाल बच्चे सहित अपने भोजन , अवसान एवं  पशुओं के चारा की बहुत बड़ी समस्या उत्पन्न हो गई है। साथ ही  बाढ़ प्रभावित इलाकों में आवा गमन की समस्या के साथ स्वच्छ पेयजल, शौचालय एवं अन्य समस्या एक साथ उत्पन्न हो गई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रशासन के द्वारा तीन  नाव, विस्थापित लोगों में एक तिहाई लोगों तक पॉलिथीन की व्यवस्था की गई है। मेडिकल उपचार केंद्र, साथ ही लाइट की जो व्यवस्था हुई है वह आधे रात के बाद जनरेटर बंद कर दिया जाता है। मवेशीयो के लिए चारा की व्यवस्था करना एवं अपने छोटे नन्हे मुन्ने बच्चे एवं अन्य सदस्यों के लिए भोजन की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया है। अब नदी से पानी रिसाव होकर बगीचा में भी आ रहा है। लोगों ने बताया कि पिछले बार यहां बाढ़ पीड़ितों के लिए तीन समुदायिक किचन चलाया जा रहा था । इस बार मात्र एक समुदाय किचन रेनबो स्कूल में संचालित किया गया है। बाढ़ प्रभावित लोगों की  संख्या लगभग 400 से ऊपर है जो एक किचन केंद्र पर सभी को एक जगह भोजन उपलब्ध करवाना संभव नहीं है। लोगों ने बताया कि गुरुवार की रात चूड़ा दही की व्यवस्था की गई जिसमें अधिकतर लोगों को भोजन प्राप्त नहीं हुआ। वही आज शुक्रवार को 2:30 अपराहन के बाद भोजन तैयार हुआ जिसमें चावल, दाल और आलू का चोखा खिलाया दिया जा रहा है । किचन सेंटर मात्र एक संचालित होने से भोजन वितरण के समय काफी अफरा तफरी का माहौल रहा। लोगों ने स्थानीय प्रशासन एवं सरकार से दोनों टाइम समय पर स्वच्छ भोजन उपलब्ध करवाने, बीच में बच्चों के लिए सुखा भोजन की व्यवस्था करवाने, स्वच्छ पेय जल मुहैया करवाने, लाइट की समुचित व्यवस्था करवाने, मुस्लिम मोहल्ले के लिए एक भी नव की व्यवस्था नहीं है खासकर एक  नाव की व्यवस्था करवाने, बाकी लोगों को पॉलिथीन की व्यवस्था करवाने, अस्थाई शौचालय की व्यवस्था करवाने के साथ ही मवेशियों की चार की व्यवस्था तक्षण करवाने की मांग की है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad

Breaking News

Ads Bottom