बारिश ने खोल दी पुल निर्माण की पोल, भारी अनियमितता मिट्टी भरी बोरी पर ढलाई बहकर गड्ढे में जा रही मिट्टी।
तेघड़ा से आरएम न्यूज़ संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट
तेघड़ा प्रखंड अंतर्गत बगरहा डीह से विषहर स्थान के बीच पुराने पुल के बगल में राज्य योजना अंतर्गत निर्माण राशि -156.06 लाख एवं अनुरक्षण राशि - 1.785 लाख की लागत से बने पुल निर्माण कार्य में भारी अनियमितता के कारण निर्मित पुल के पहुंच पथ के साइड में प्लास्टिक की बोरी में भरी मिट्टी पर रोड ढ़लाई। जो अब मिट्टी बहने से ढ़लाई और बोरी के बीच सुरंग का आकार ले रहा है। वह भी मिट्टी पुल के बगल में गड्ढे से लिया गया है। हालात यह है कि मिट्टी बहकर अब गड्ढे में जा रहा है। जबकि पुल निर्माण कार्य पूरे होने में मात्र एक दो महीना ही हुई है। जिससे आवागमन करने वाले लोगों में खतरा बना हुआ है। बताया जाता है कि निर्माण होने के बाद उद्घाटन का काम बाकी है और उद्घाटन से पहले ही दी गई मिट्टी गड्ढे में बहने लगी है। जिससे लोगों के बीच खतरा बन गया है। स्थानीय जिला पार्षद शिवचंद्र महतो एवं स्थानीय दर्जनों लोगों ने पुल निर्माण कार्य में दी गई दोनों साइड मिट्टी की भराई की जांच कर करवाई की मांग बिहार सरकार से की है। और कहा है कि ऐसे संवेदक जो सिर्फ काम कर निकल जाते हें । और किए गए कार्य को देखने भी नहीं आते हें। वैसे संवेदक पर कार्रवाई की मांग की है। लोगों ने बताया कि एक तो निर्माण कार्य में दो वर्ष अतिरिक्त समय लगाया गया। यह सबम्मरसीबल आरसीसी पुल निर्माण का कार्य 19 मार्च 2021 को प्रारंभ होना था। और इसकी कार्य समाप्ति 18 मार्च 22 को होना था। संवेदक और विभागीय कार्यपालक अभियंता ग्रामीण विभाग प्रमंडल तेघड़ा बिहार सरकार ग्रामीण कार्य विभाग की घोर लापरवाही की वजह से यह पुल 2024 में बनकर तैयार हुआ है। जो कहीं ना कहीं संवेदक और विभाग की भारी अनियमितता एवं घोर लापरवाही को उजागर करता है । इस पुल की गारंटी अवधि 5 वर्ष की है। लोगों ने बताया कि इस तरह मिट्टी धसने एवं बहने से हमेशा खतरा बना रहता है। कभी भी अप्रिय घटना हो सकती है। इसकी सुधार करने एवं संवेदक पर कार्रवाई करने की मांग की है।



