बारिश की कमी से सूख रही मक्का व अन्य फसल, उत्पादन प्रभावित होने की आशंका से किसान ससंकित।
तेघड़ा से आर एम न्यूज़ संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट
तेघड़ा /बेगूसराय
प्रखंड की खरीफ फसल इस समय संकट की साए में है। तेघड़ा के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में मक्का सहित अन्य फसले सूखने लगी है। यदि यही हाल रहे तो उत्पादन पूर्ण रूप से प्रभावित हो सकता है। वैसे औसत बारिश के आंकड़े से अभी मंजिल काफी दूर है। बारिश होने का सिलसिला लंबे समय से रुका हुआ है।उधर, तापमान बढ़ने से उमस बढ़ रही है। मंगलवार को उमस ने आम जनजीवन को काफी हद तक प्रभावित किया। नमी वाले क्षेत्रों में अभी फसल का अस्तित्व थोड़ा बचा हुआ है।लेकिन ऊपरी क्षेत्रों में मक्का अत्यधिक संकट में नजर आ रही है। प्रखंड की भौगोलिक स्थिति वैसे भी ऊपरी भूभाग ज्यादा ही है। ऐसे में यहां सुखार की संभावना बन गई है। खरीफ फसल अपने अंतिम पड़ाव पर है। दर्जनों किसानों का कहना है कि मक्का सहित खेतों एक सप्ताह पूर्व खेतों में लगाए गए।मे गोभी, टमाटर मिर्ची के अलावे अन्य फसल सूखने का कगार पर है जिससे उत्पादन खतरे में है। वर्षा नहीं होने से फसल सूख रही है। गौरा के किसान अनिल ठाकुर, अरविंद ठाकुर एवं हरखित ठाकुर ने बताया कि आधे मक्का की फसल में बाली निकलना शुरू हुआ था और आगे में दाने भराने का समय आ चुका है। परिपक्व स्थिति में फसल है। ऐसे में वर्षा थमने से उक्त प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इस सप्ताह बारिश नहीं होने से अच्छी पैदावार की उम्मीद टूट गई है । इस सप्ताह बारिश नहीं हुई तो फसल पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगी। किसानों के ऊपर कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है। कई किसानों ने बताया कि इस सप्ताह के बाद सरकार को किसने की हालत को देखते हुए तत्काल क्षेत्र को सूखाग्रस्त घोषित करनी चाहिए।



