1 सितंबर से प्रारंभ हुई शिक्षा सेवकों की बायोमेट्रिक हाजिरी बनाने की प्रक्रिया
तेघड़ा से आरएम न्यूज़ संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट
तेघड़ा /बेगूसराय अब सरकारी प्रक्षेत्र के विद्यालयों के शिक्षकों की उपस्थिति बायोमेट्रिक प्रणाली ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से दर्ज करने की व्यवस्था की गयी है। ऐसी स्थिति में विचारोपरांत संबद्ध विद्यालयों के शिक्षा सेवकों (तालीमी मरकज समेत) की भी बायोमेट्रिक प्रणाली ई-शिक्षाकोष पोर्टल से उपस्थिति दर्ज करने का निर्णय लिया गया है। यह व्यवस्था एक सितंबर से लागू किए गए हें। इसके मद्देनजर निर्देश दिया गया है कि एक सितंबर से शिक्षा सेवकों की उपस्थिति उनके संबद्ध विद्यालय, जिसका यू-डायस कोड उन्हें आवंटित है, के बायोमेट्रिक प्रणाली ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से दर्ज कराने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करना सुनिश्चित करेंगे। इन दिनो शिक्षा विभाग अपने मुहिम को दुरुस्त करने में जुटा है। इसके आलोक शिक्षा सेवकों पर भी सख्ती शुरू हो गई है। उनके पदस्थापित विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति 90% से कम नहीं होनी चाहिए। नए आदेश के बाद शिक्षा सेवक सक्रिय हो गए हें । गांव के लोगों को इस नए पद के बारे में जानकारी मिलने लगी है दरअसल टोला सेवकों की नियुक्ति दलित एवं अल्पसंख्यक परिवार के बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से की गई थी। अभिभावकों को जागरुक करते हुए बच्चों को पढ़ने के लिए स्कूलों में नामांकन करवाने की जिम्मेदारी के साथ ही 15 से 35 वर्ष के असाक्षर महिलाओं को साक्षर करने की जिम्मेवारी दी गई थी ।



