कृमि उन्मूलन दिवस पर बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाकर की गई शुभारंभ
तेघड़ा से आरएम न्यूज़ संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट
तेघड़ा/बेगूसराय कृमि मुक्ति दिवस पर बुधवार को अनुमंडलीय अस्पताल तेघड़ा में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी रामकृष्ण के नेतृत्व में बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। उक्त अवसर पर ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉक्टर गौरव, डॉक्टर भारती शर्मा, डॉ संजय चौधरी, W H O के मॉनिटर अंबर कुमार सिंह,बीसीएम शारदा कुमारी, हेल्थ मैनेजर सुबीर कुमार पंकज, लेखपाल चंदन कुमार, स्थापना के मोहम्मद शहंशाह, फार्मासिस्ट अनुराग कुमार, मोहम्मद हाशमी, डीओ बाल्मीकि कुमार अभिषेक कुमार आदि मौजूद थे मौके पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रामकृष्ण ने कहा कि आज 4 सितंबर बुधवार को प्रखंड के सभी सरकारी व गैर सरकारी विद्यालय व आंगनबाड़ी केंद्रों में एक वर्ष से 19 वर्ष तक के आयु के बच्चों को एल्बेंडाजोल (कृमिनाशक) दवा खिलाई जा रही है। दवा लेने से छूटे बच्चों को मॉपअप के तहत 11 सितंबर को दवा दी जाएगी। डॉ गौरव ने कहा कि एल्बेंडाजोल दवा एक सुरक्षित दवा है।इस दवा का कोई भी साइड-इफेक्ट नहीं है। एल्बेंडाजोल दवा पेट में कीड़ों को खत्म करने के लिए दी जाती है। बताया कि पेट में अधिक कीड़े होने की स्थिति में यह दवा देने पर बच्चे को हल्के से चक्कर जैसा लग सकता है या उल्टी हो सकती है। ऐसी स्थिति से बच्चों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। ऐसी स्थिति में बच्चे को थोड़े समय के लिए खुली हवा में लिटा दें व पानी का सेवन कराएं। इसके बाद 5-7 मिनट में ही बच्चा अपने सामान्य अवस्था में आ जाता है। डॉ भारती शर्मा ने इस दौरान कहा कि एल्बेंडाजोल दवा अनिवार्य रूप से बच्चों को दी जानी है। पेट में होने वाले कीड़े या कृमि से बच्चे के शरीर में खुराक नहीं लगती और बच्चों का शारीरिक व मानसिक रूप से विकास सही से नहीं हो पाता है।वह कमजोर होने लगता है। हेल्थ मैनेजर सुधीर कुमार पंकज ने बताया कि प्रखंड में कुल 140000 बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। एक से दो वर्ष तक के बच्चों को आदि गोली चूर्ण बनाकर पानी के साथ। वही दो से तीन वर्ष तक के बच्चों को एक गोली चूर्ण बनाकर पानी के साथ तथा चार से 19 वर्ष तक के बच्चों को एक गोली चलाकर खाना है।



