भूमि सर्वेक्षण व बंदोबस्ती को लेकर पकठौल में ग्राम सभा का हुआ आयोजन
तेघड़ा से आरएम न्यूज़ संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट
तेघड़ा ,बेगूसराय
बिहार विशेष सर्वेक्षण व बंदोबस्त कार्यक्रम के तहत भू-अभिलेख व परिमाप निदेशालय के आदेश पर तेघड़ा प्रखंड के पकठौल पंचायत में विशेष सर्वेक्षण अधिनियम 2011 के लिए 24 अगस्त शनिवार को युवक संघ पुस्तकालय पकठौल के परिसर में एकदिवसीय ग्राम सभा का आयोजन किया गया । इसमें विशेष सर्वेक्षण बंदोबस्त पदाधिकारी अर्चना कुमारी,कानूनगो शकुंतला देवी,सर्वे अमीन गुड़िया कुमारी ने ग्रामीणों को सर्वे से संबंधित कागजातों को लेकर जानकारी दी। ऑनलाइन भी कागजात जमा कराने की सुविधा सर्वे कार्य के लिए रैयत जमीन का विवरण चौहद्दी के साथ प्रपत्र टू में भरकर शिविर में ससमय जमा करेंगे। बताया गया किजमाबंदी रैयत के मृत होने पर जमाबंदी रैयत के मृत्यु प्रमाणपत्र की स्व अभिप्रमाणित छाया प्रति व अमृत जमाबंदी रैयत का वारिश होने का प्रमाणपत्र यथा वंशावली प्रमाणपत्र, खतियान का नकल, दवा कृत भूमि से संबंधित दस्तावेज का विवरण, मालगुजारी रसीद, राजस्व लगान रसीद की छाया प्रति, सक्षम न्यायालय का आदेश, मोबाइल नंबर और आधार कार्ड की छाया प्रति जमा करेंगे।जो रैयत बाहर रह रहे हें, इनके लिए ऑनलाइन भी कागजात जमा कराने की सुविधा दी गयी है। बंदोबस्त विभाग द्वारा जारी वेबसाइट पर भी ऑनलाइन जमीन संबंधी विवरण जमा कर सकते हें। उन्होंने सभी भूमि मालिकों से अपील किया कि वे भी इस सर्वेक्षण कार्य में अपना पूरा सहयोग दें। अंचल शिविर में एक विशेष सर्वेक्षण बंदोबस्त पदाधिकारी, दो कानूनगो, एक लिपिक और राजस्व ग्रामों के लिए एक विशेष सर्वेक्षण अमीन की प्रतिनियुक्ति की गयी है।
आयोजित ग्राम सभा में आये रैयतों को विशेष सर्वेक्षण अमीन ने विशेष सर्वेक्षण की जानकारी विस्तृत रूप से दिया। रैयतों को सर्वे से संबंधित विस्तार पूर्वक जानकारी दी गयी। सर्वे अमीन प्रियंका रंजन ने बताया कि नया सर्वेक्षण तकनीक और प्रौद्योगिकी आधारित होगा। इसके आधार पर नया खतियान तैयार किया जायेगा।उन्होंने उपस्थित लोगों से कहा कि इस सर्वेक्षण में आप सबों से सहयोग की अपेक्षा है।उन्होंने रैयतों के घोषणा का प्रपत्र दो तथा वंशावली प्रपत्र तीन (ए) से संबंधित जानकारी दी। उन्होंने रैयतों को स्वघोषणा का प्रपत्र-2 तथा वंशावली प्रपत्र-3(1) से संबंधित जानकारी दी। अमीन शाजिया परवीन ने बताया कि पहले परिवारों में संयुक्त परिवार की प्रथा थी। जमीन का खाता- खतियान किसी एक व्यक्ति के नाम से होता था।बांकी गोतिया-पटीदार उसमें अंशधारक रहते थे। जमीन का लगान रसीद भी सभी लोग अपने-अपने अंश के अनुसार मार्फत कटा लेते थे, लेकिन जैसे-जैसे भूमि सुधार कानून लागू होते गए, वैसे-वैसे इसकी कानूनी प्रक्रिया भी बदल रही है। वैसे जमीन का लगान रसीद काटने में भी समस्या आ रही है। बिना जमाबंदी कारण रसीद नहीं कट रहा है और जमाबंदी इसलिए नहीं हो रही है कि 100-50 वर्ष से पुश्तैनी बंटवारा कई परिवारों में नहीं हुआ है।सिर्फ दखल के आधार पर जमीन पर दावा है। उसे स्थिति में वंशावली अति आवश्यक है। मौके पर मुखिया पंकज सहनी, उप मुखिया लक्ष्मी देवी, उप मुखिया प्रतिनिधि कृष्णदेव चौरसिया, अमीन रौली कुमारी, सुनैना कुमारी, प्रतिभा कुमारी, कुमकुम विश्वकर्मा, अंकिता कुमारी, ज्योति कुमारी, ताशकीन हीना, सपना कुमारी पूर्व मुखिया अर्जुन चौधरी, श्याम किशोर चौरसिया, प्रवीण कुमार के अलावे ग्रामीण मौजूद थे




