कृष्ण लीला की झांकी देख वृन्दावन की आई याद
तेघड़ा से आर एम न्यूज़ मीडिया संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट
तेघड़ा /बेगूसराय
ऐतिहासिक श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मेला तेघड़ा इन दिनों मथुरा व वृन्दावन बना हुआ है। मेला में श्रद्धालु भगवान कृष्ण के विभिन्न रूप की झांकी का दर्शन कर भाव विभोर हो रहे हें। वहीं दूर दरार से आए लोगों को स्थानीय लोगों का सहयोग काफी भा रहा है। चिलचिलाती धूप व भारी गर्मी भी लोगों के आस्था को नहीं हिला सका। गर्मी की तपिश सहकर भी लोगों ने भगवान श्रीकृष्ण के विभिन्न रूप की झांकी का दर्शन पूजन कर रहे हें। मेला में नेपाल से आए श्रद्धालुओं दीपिका थापा और निशा कोइराला ने बताया कि तेघड़ा मेला की चर्चा नेपाल में भी है। हमारे आसपास के लोग मेला देखने कईं बार आते थे। वहीं मुम्बई से मेला देखने आए गुंजन एवं ममता ने बताया कि मुम्बई में गणपति पूजा के दौरान मेला का आयोजन किया जाता है। लेकिन तेघड़ा मेला और यहां का स्थानीय लोगों का सहयोग बहुत अच्छा लगा। पांच दिवसीय श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मेला में भगवान श्री कृष्ण की अछ्वुत लीला, राधा रानी की रास लीला, कंस का वध, गीता का उपदेश कारागार में जन्म, पुतना वध सहित विभिन्न झांकी के माध्यम से कृष्ण लीला को दर्शाया गया है। अभी तक लाखों लोगों ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव मेला का दर्शन किया। भव्य बने पंडालों रंग बिरंगे लाइटों की आकर्षक छटा देखते ही बनती है। महिलाएं बच्चे साल भर करते हें कृष्ण जन्माष्टमी मेले का इंतजार।
महिलाओं व बच्चों को भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेला का इंतजार रहता है। तेघड़ा मेला में दूसरे राज्य से आए दुकानदारों के द्वारा तरह तरह के घरेलू उपयोगी सामानों की खरीदारी करने के लिए पूर्व से ही तैयार रहते हें। जहां मीना बाजार और अन्य तरह तरह के दुकानों पर महिलाओं बच्चों की भीड़ लगी रहती है। बच्चे व महिलाएं अपनी अपनी आवश्यकता के अनुसार सामानों की खरीद व पूजा अर्चना इस मेला में दोनों साथ-साथ करते हें।
मेला के तीसरे दिन शुक्रवार को भी लाखों की संख्या में महिला पुरुष भगवान श्री कृष्ण के दर्शन कर पूजार्चना की। विधि व्यवस्था को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी राकेश कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डॉक्टर रविंद्र मोहन प्रसाद, प्रखंड विकास पदाधिकारी राकेश कुमार, अंचलाधिकारी रविशंकर कुमार एवं थाना अध्यक्ष अमलेश कुमार मॉनिटरिंग कर रहे हें। मेला परिसर में दंडाधिकारी के नेतृत्व में तैनात पुलिस बल सुरक्षा और विधि व्यवस्था पर पैनी नजर रखी हुई है। वहीं दूसरी तरफ लगातार तीन दिनों से जारी मेला को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने को लेकर सफाई कर्मियों का बहुत बड़ा योगदान है जो रात दिन मेला को स्वच्छ और सुंदर बनाने के प्रति समर्पित हें। इसके साथ ही विभिन्न मेला समितियों के अध्यक्ष ,कोषाध्यक्ष, संयोजक एवं संरक्षकों की आपसी एवं प्रशासनिक स्तर पर सामंजस्यता एवं कोऑर्डिनेशन के आधार पर सक्रिय वॉलिंटियरों की अथक प्रयास भी मेला को ऐतिहासिक रूप और पौराणिक गरिमा को ऐतिहासिक रूप देने में महथी भूमिका निर्वाह करते आ रहे हें। जो तेघड़ा की ऐतिहासिक परंपरा को विकसित करने का परिचायक है।





