कई बार पुलिस निर्दोष व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार करती है। या अपराधी व्यक्ति से रिश्वत लेकर उस मामले में निष्पक्ष न्याय और जांच को बाधित करती है।
ऐसे में पुलिसकर्मी के प्रति राज्य सरकार को त्वरित सख्त कदम उठाकर उसे दंडित और बर्खास्त करना चाहिए ताकि अन्य पुलिसकर्मी ऐसे असंगत कदम उठाने से पहले कई बार सोचें।
कानून व्यवस्था में लोगों का विश्वास कमजोर हो जाएगा
कानून जनजागरूकता अभियान' चलाना चाहिए,जिसमें लोग कानून के बारे में जागरूक हो सकें और अपराध से बना सके दूरी
कुछ पुलिस कर्मियों द्वारा अपने कर्तव्य और अपनी जवाबदेही को उचित तरीके से प्रयोग
आमतौर पर देश के लगभग हर क्षेत्र में पुलिस को नकारात्मक दृष्टिकोण से देखा जाता है।लेकिन ऐसा भी नही हैं। कि कुछ पुलिस कर्मियों के कारण हम सब को नकारात्मक रुप से देखें। यूँ तो दुनिया मे सब एक जैसे नही होते कुछ लोग नकारात्मक लिए बैठे रहते हैं तो कुछ अच्छाई लिए भी।लेकिन कुछ जगह इसका इसका मूलभूत कारण है। कि पुलिस द्वारा अपने कर्तव्य और अपनी जवाबदेही को उचित तरीके से प्रयोग न करना। हमारे देश में प्रत्येक दिन कोई न कोई असामाजिक कृत्य होते ही रहते हैं। अपराध ने एक बार फिर यह साबित किया है। कि अभी इस दिशा में बहुत कुछ किया जाना बाकी है । इसके मुताबिक 2021 व 2022 देशभर में हुए दर्ज मामले बहूत कुछ सोचने पर विवश करते हैं। इसके कारणों पर गौर करने से इसके सामाजिक परिप्रेक्ष्य का भी पता चलता है सरकारों को छोटे-मोटे विवादों और पारिवारिक विवादों आदि से उत्पन्न होने वाली घटना को लेकर पुलिस प्रशासन को अधिक सक्रिय और सशक्त करना चाहिए ताकि कानून-व्यवस्था मजबूत हो और ऐसी घटनाएं को नियंत्रित किया जा सके। पुलिस प्रशासन में शासन व्यवस्था में ईमानदारी लोक सेवा की अवधारणा जैसे मूल्य होने चाहिए ऐसी सब घटनाओं का अधिकतर शिकार गरीब तथा वंचित समूह ही होते हैं और ये कस्बों तथा गांवों में या मलिन गरीब बस्तियों में अधिकतर होती हैं। अगर राज्य सरकारें इन मुद्दों पर ध्यान नहीं देती हैं। तो कानून व्यवस्था में लोगों का विश्वास कमजोर हो जाएगा। इसलिए सरकारों का दायित्व है कि व पुलिस प्रशासन में अनुशासन जवाबदेही पारदर्शिता तथा सेवा प्रदान करने की गुणवत्ता जैसे मूल्य विकसित करें और कर्तव्य तय करें। कई बार पुलिस निर्दोष व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार करती है। या अपराधी व्यक्ति से रिश्वत लेकर उस मामले में निष्पक्ष न्याय और जांच को बाधित करती है। ऐसे में पुलिसकर्मी के प्रति राज्य सरकार को त्वरित सख्त कदम उठाकर उसे दंडित और बर्खास्त करना चाहिए ताकि अन्य पुलिसकर्मी ऐसे असंगत कदम उठाने से पहले कई बार सोचें। इसके अलावा ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए 'कानून जनजागरूकता अभियान' चलाना चाहिए, जिसमें लोग कानून के बारे में जागरूक हो सकें। इस अभियान से राजनीतिक न्याय को सुनिश्चित कर सकते हैं। अगर लोगो में कानून की जानकारियां होगी तो किसी भी घटना को अंजाम देने से पहले व उस आपराधिक कृत्य की सजा और उसके प्रावधान के विषय में बार-बार सोचेंगे। साथ ही लोग कानून की जानकारी रखेंगे तो पुलिसकर्मी लोगों के साथ कुछ गलत करने से डरेंगे! अगर कोई पुलिसकर्मी ऐसे असंगत कृत्य करते हैं तो कोई भी व्यक्ति उस पुलिसकर्मी के प्रति शिकायत कर सकेगा। इससे पुलिस प्रशासन अपने कर्तव्यों का उचित ढंग से निर्वहन करेंगे और समाज में न्याय संभव हो सकेगा।
(आरटीआई एक्टिविस्ट )
जनार्दन सिंह
( बेगूसराय, बिहार)


