बकरी की अधिक संख्या में मौत से पशुपालकों में हड़कम्प,भय का माहौल
नावकोठी प्रखंड में पशुओं की बीमारियों से मौत का लग रहा अंबार।पशुपालन विभाग की लापरवाही है जिम्मेदार।नावकोठी प्रखंड के सदर पंचायत नावकोठी,हसनपुर बागर एवं अन्य पंचायतों में बकरी पालकों के सपनों पर पानी फिर गया है।क्षेत्र में गरीब गुरबों के द्वारा अपनी गरीबी और बेरोजगारी दूर करने के लिए बकरी पालन कर वर्षों से जीविकोपार्जन करते आ रहे हैं।
अपना भरण पोषण का साधन बना लिया,परन्तु क्षेत्र के बकरी पशुपालकों में संदिग्ध बिमारी से बड़े पैमाने पर मौत हो रही है।अधिक संख्या में बकरी की मौत होने से ग्रामीणों में पशुपालन विभाग पर आक्रोश है।जदयू अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष सिकंदर राम ने प्रशासन से अविलंब पशुओं की मौत की रोकथाम हेतु अभियान चलाने की मांग की।उन्होंने बताया कि हसनपुर बागर के शंभू ठाकुर,विपिन ठाकुर,सिकन्दर राम सहित दर्जनों परिवार एवं नावकोठी मुस्लिम मुहल्ला के मो सलमान,मो कलीम, मो मुसीम,मो शौकत,मो अलाउद्दीन,मो अजीज,मो इसराइल,मो अकबर सहित अन्य पशुपालकों के पशु की मौत हो चुका है।इस मौत से अन्य पशुपालक भी भयभीत हैं।पशुपालकों ने बताया कि सर्दी,खांशी,दस्त होने पर चार से पांच दिनों के अन्दर बकरी की मौत हो जाती है।नावकोठी प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी विष्णुदेव पोद्दार ने बताया की पीपीआर नामक महा रोग के फैलने से बकरी की मौत होती है।इससे बचाव के लिए टीके लगाए जाते हैं।उन्होंने बताया कि जिला में टीका उपलब्ध हो गया है 2 से 4 दिनों के अंदर प्रखंड में भी उपलब्ध हो जाएगा। टीका उपलब्ध होने के बाद महाअभियान के तहत नावकोठी प्रखंड में बकरी पशुपालकों के बीच टीकाकरण किया जाएगा।टीकाकरण हो जाने पर इस प्रकार की समस्या आगे नही होगी। उन्होंने पशुपालकों से आग्रह करते हुए टीकाकरण में बढ़ चढ़कर भाग लेने और टीका लगवाने की अपील की।



