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पंचतत्व में विलीन हुए जेपी आंदोलन के नेतृत्व समाजवादी नेता चंद्र कुमार सिंह ,शोक की लहर।

पंचतत्व में विलीन हुए जेपी आंदोलन के नेतृत्व समाजवादी नेता चंद्र कुमार सिंह ,शोक की लहर।


तेघड़ा ,बेगूसराय

1974 के जेपी आंदोलन के नेतृत्व समाजवादी नेता के नाम से प्रसिद्ध जनता दल यूनाइटेड के 2000 वर्ष में बछवारा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी सह पूर्व कृषि मंत्री रामजीवन सिंह के आप्त सचिव नेताजी के नाम से प्रसिद्ध 77 वर्षीय चंद्र कुमार सिंह का निधन बेंगलुरु के एक निजी अस्पताल में 24 दिसंबर की रात इलाज के दौरान  हो गया। उनके निधन की खबर आते ही वजलपुरा गांव सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। जनता दल यूनाइटेड के स्थापना काल के  ये पूरे क्षेत्र में नेता जी के नाम से प्रसिद्ध थे, जय प्रकाश नारायण के आंदोलन में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई थी। इसके बाद उन्होंने जदयू  का झंडा थाम कर जनता दल  यूनाइटेड के लिए काम किया। उनके निधन की खबर तेघड़ा में आते ही जदयू कार्यकर्ताओं के अलावा तेघड़ा के व्यवसायियों एवं सामाजिक लोगों ने गहरी संवेदना प्रकट की है। उनके निधन पर जदयू के जिला अध्यक्ष रुदल राय, तेघड़ा नगर परिषद की पूर्व उपमुख पार्षद सह व्यावसायिक संघ के सचिव सुरेश रोशन, चंद्रकेतु प्रसाद, मौजी लाल सिंह, प्रखंड अध्यक्ष चंदन कुमार, जिला पार्षद शिवचंद्र महतो, जदयू के प्रखंड महासचिव अविनाश कुमार, राजकिशोर मिश्रा पप्पू बाबा, राजद के अशोक सिंह, प्रधानाध्यापक महेश सिंह, जदयू नेता सह अधिवक्ता पारस नाथ राय, राजद के जिला अध्यक्ष मोहित यादव, जदयू शिक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक सिंह भाषो , जदयू के प्रदेश सचिव रीना चौधरी,वरिष्ठ नेता देव कुमार, शिक्षक सह पत्रकार सुबोध कुमार, युवा नेता भोला सिंह के अलावे कई सामाजिक एवं राजनीतिक सरोकार से जुड़े लोगों  ने गहरा दुख व्यक्त किया तथा कहा कि  तेघड़ा ने एक समाजिक और राजनीतिक नेतृत्व  को खो दिया है। नेताजी जेपी आंदोलन के दौरान भागलपुर जेल में  18  माह रहे वहीं कई बार अपनी गिरफ्तारी देकर बांकीपुर,पटना ,हजारीबाग आदि जेल में रहे। इनका अंतिम संस्कार बेंगलुरु के घाट पर हिंदू रीति रिवाज के साथ किया गया जहां बड़े पुत्र डॉक्टर सत्यम कुमार ने मुखाग्नि दी इन्होंने अपने पीछे पंच पुत्र डॉक्टर सत्यम कुमार, शिवम कुमार, सॉफ्टवेयर इंजीनियर सुंदरम कुमार, सॉफ्टवेयर इंजीनियर अनुपम कुमार, डॉ विक्रम कुमार सहित भारी पूरे परिवार छोड़ गए

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