साक्षरता की अलख जगाने वाले 17 हजार बेरोजगार सामन्यव्यक व प्रेरकों की जमात 24 नवंबर नशा मुक्ति दिवस पर पहुंचेगी पटना के वेटरनरी कॉलेज
बिहार के अंदर साक्षरता का दीप प्रज्वलित करने वाले 17000 समन्यव्यक और प्रेरक बेरोजगारी के दंस झेलते हुए अंधेरे में जीवन जीने को मजबूर हें। वर्ष 2011 से सुबे बिहार की बदलाव की बयार में साक्षरता और जागरूकता के क्षेत्र में अलख जगाने वाले इन कर्मियों को सरकार द्वारा 31 मार्च 2018 को बाहर का रास्ता दिखाते हुए इनके और उनके परिवार के भविष्य को अंधकार के गर्त में बेरोजगारी का दंश झेलने को मजबूर कर दिया गया। गुरुवार को बरौनी प्रखंड के समन्यव्यक व प्रेरकों की बैठक की गई जिसमें में 26 नवंबर पटना के वेटरनरी कॉलेज में नशा मुक्ति दिवस पर आयोजित मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री के कार्यक्रम में ऐतिहासिक भागीदारी को लेकर निर्णय लिया गया। बैठक को संबोधित करते हुए। तेघड़ा विधायक सह सत्ता रूढ़ दल के सचेतक राम रतन सिंह ने प्रेरकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि अब समय आ गया है आप अपनी चट्टानी एकता का परिचय दिखाएं और सरकार को एहसास दिलाए । आगे आपके समायोजन को लेकर हम लोग भी मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री से अनुरोध करेंगे। गौरतलब हो कि वर्ष 2009 में 17000 प्रेरक व 7 समन्यव्यकों को पंचायत के मध्य विद्यालयों 7500 लोक शिक्षा केंद्र पर संविदा कर्मी के रूप में नियुक्त किया गया था जो 9 साल तक असाक्षर महिलाओं को साक्षर करने, दहेज उन्मूलन, बाल विवाह, नशामुक्ति अभियान जैसे समाज सुधार कार्यक्रम के तहत मानव श्रृंखला एवं सरकार के विभिन्न योजनाओं के प्रति आम लोगों को जागरूक बनाने में अपना दायित्व निभाया ।
सरकार द्वारा बिना निर्देश के एक पत्र के माध्यम से कार्यक्रम को बंद कर दिया गया वर्ष 2018 से ही हजारों समन्यव्यकों एवं प्रेरकों अपनी हक के लिए आवाज बुलंद करते रहे लेकिन आज तक सरकार द्वारा इनके सेवा बहाल एवं समायोजन के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया जिसकी वजह से हजारों कर्मी आज बेरोजगारी के अलावे जिल्लत भारी जिंदगी जीने को मजबूर हें। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आश्वासन दिलाया था कि साक्षरता कर्मियों को निराश होने की जरूरत नहीं है उन्हें सरकार कार्यों में जरुर लगाएगा। भारत सरकार अभियान शुरू करने में विलंब करेगी तो उस स्थिति में बिहार सरकार सभी कर्मियों के लिए उपाय जरूर सोचेगी। वहीं विपक्ष की भूमिका में रहे उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी साक्षर भारत कर्मी महासंघ को भरोसा दिलाया था कि हमारी सरकार आते ही सभी कर्मियों की सेवा बहाल की जाएगी। अब बिहार में संविदा कर्मियों को स्थाई करने का पहल कदमी तेज है। कर्मियों की सेवा काल के समय में उच्च स्तरीय कमेटी द्वारा इन कर्मियों को संविदा कर्मी घोषित किया गया था। अब माननीय मुख्यमंत्री एवं माननीय उपमुख्यमंत्री अपने-अपने वादों के अनुसार सभी कर्मियों की सेवा बहाल करें इसी को लेकर 26 नवंबर को वेटरनरी कॉलेज में आयोजित भींम चौपाल में पूरे सुबे बिहार से साक्षरता के अलख जगाने वाले आज बेरोजगार बन चुके कुर्मी की बड़ी जमात शामिल होकर माननीय को एहसास दिलाया जाएगा। मौके पर प्रखंड कार्यक्रम समन्यव्यक अशोक कुमार सहित दर्जनों प्रेरक मौजूद थे



