सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही संपन्न हुआ लोक आस्था का छठ महापर्व
पत्रकार राम आधार सहनी
तेघड़ा ,बेगूसराय
पकठौल महापर्व छठ का आज समापन हो गया है। उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही चार दिनों से चल रहा लोक आस्था का यह खास महापर्व संपन्न हो गया ।
तेघड़ा के ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में नदियों, तालाबों से लेकर घरों के आसपास और छत पर बने कृत्रिम जलाशयों तक छठ पर्व करने वाले व्रतियों ने विभिन्न छठ घाटों पर सूर्य देव को अर्घ्य दिया । उगते सूर्य देव को हजारों छठ व्रतियों के द्वारा अर्घ्य अर्पित की गई। महिलाओं ने पानी में उतरकर सूर्य देव को भोग अर्पित कर पूजन किया। जिसको लेकर पूरे क्षेत्र में विशेष उत्साह का माहौल रहा। छठ घाट पर सुबह 3 बजे से ही छठ व्रतियों एवं दर्शनार्थियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। बड़ी संख्या में छठ व्रति अपने पूरे परिवार एवं गाजे - बाजे के साथ घाट पर पहुंची। छठ व्रतियों ने पूरे विधि के साथ सूर्य देव की आराधना की। इस दौरान आतिशबाजियां और गाजे - बाजे से उत्सव का माहौल बना रहा ।
वही छठ घाट पूजा समिति सरपंच भाभी प्रत्याशी अभिनाश कुमार के साथ मनवाअधिकार सुरक्षा संरक्षण एवं ऑर्गेनाइजेशन सा मिशन सुरक्षा परिषद पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष बेगूसराय द्वारा बड़े पैमाने पर घाटों की साज - सज्जा एवं लाइटिंग की व्यवस्था तथा आकर्षक पंडालों के साथ जगह-जगह छठ व्रतियों की सुविधा के लिए चेंजिंग रूम की व्यवस्था की गई थी।
पूरे तालाब क्षेत्र में उल्लास का वातावरण बना रहा। इस पर्व की सबसे बड़ी खासियत देखी गई कि इसमें धार्मिक भेद - भाव ,उच्च - नीच, जात-पात को भुलाकर एक साथ जलाशयों में विधि- विधान से पूजा- पाठ कर महापर्व मनाया। बुलाकर लोग एक साथ जलासियों में वहीं तेघड़ा बलान नदी के किरतौल - पकठौल घाट, चिल्हाय मंदिर घाट, अंबा घाट, नोनपुर शिवाला घाट, फरदी सहित अन्य घाटों पर भी सूर्य को अर्घ्य दिया गया। विधि व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने को लेकर लगातार छठ घाटों का दौरा करते रहे पत्रकार।









