जर्जर पोल और तार दे रहे हादसे को आमंत्रण, मजदूर मोहल्ले के लोगों के सिरों पर मंडराती मौत
प्रखंड के अनेकों भागों में असुरक्षित ढंग से लटकते जर्जर ढ़ीले - ढ़ाले तथा सुरक्षा नियमों का पालन किए बिना लापरवाही से लगाए हुए बिजली के खंभे तथा तार लोगों की जान- माल के लिए खतरा बना हुआ है। इसका ताजा उदाहरण प्रखंड के गौरा एक पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या 8 की है जहां 60 वर्ष पूर्व लगाए गए लोहे के पोल और नंगे तार आज जर्जर स्थिति में है। मजदूर बाहुल्य मोहल्ला के बीचो-बीच दर्जनों घरों के छतों के ऊपर से बिजली प्रवाहित यह तार इतना नीचे लटका है कि मकानों की छतों तक को छू रही हें। जिससे बारिश और आंधी तूफान आने पर इससे खतरा इतना बढ़ जाता है कि लोग दहशत के साए में जीने को मजबूर हो जाते हें । ऐसे में जर्जर नंगे पोल और तार से एक बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है। जमाने पूर्व लगाए गए बिजली के पोल और तार जर्जर हो चुके हें। हल्की सी हवा में आपस में टकराती तारे कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।आए दिन तार टूट कर गिरते रहते हें। पोल भी काफी दूर लगाए गए हें। जिसके कारण झूलता रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार विभाग से शिकायत के बावजूद भी कोई सुनवाई नहीं हुई है। सब कुछ जानने के बाद भी बिजली विभाग के अधिकारी हाथ पैर हाथ धरे बैठे हें। और किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हें। वार्ड संख्या 8 के वार्ड सदस्य योगेंद्र पासवान, पूर्व उप मुखिया क्रांति देवी,सिकंदर ठाकुर, चंदन ठाकुर, रंजीत ठाकुर , अर्जुन महतो, उमाकांत महतो आदि ने बताया कि करीब 60-65 वर्ष पहले बिजली सप्लाई के लिए लाइन खींची गई थी आबादी बढ़ने पर अनेक परिवारों ने अपने खाली प्लॉट पर मकान बना लिए हें ऐसे में 60-65 वर्ष पहले खींची गई बिजली की लाइन अनेक घरों के ऊपर से गुजर रही है। यह लाइनें इतनी पुरानी होने के कारण जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी है । लटक कर छत से कहीं 3 फीट कहीं 4 फीट की ऊंची रह गई है ऐसे में इन झूलती लाइनों से 24 घंटे हादसा होने अंदेशा बना रहता है । इसी के चलते मोहल्ले वासी लंबे समय से इन झूलती लाइनों को घरों के ऊपर से हटकर रास्तों में स्थानांतरित करने की मांग करते रहे हें परंतु बिजली विभाग के अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हें । हालांकि सरकार घरों के ऊपर से गुजर रही लाइनों को शिफ्ट करने के लिए वकायदा बजट भी माहिया करती रही है। इसके बावजूद बिजली विभाग इन लाइनों को हटाने को तैयार नहीं है। ऐसे में ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति भारी रोष है। ग्रामीण ने सरकार व प्रशासन से घरों के ऊपर से गुजर रही इस खतरनाक बिजली लाइनों को जल्द हटवाने की मांग की है।





