पकठौल पंचायत के बुद्धिजीवी सरपंच निधन की सूचना से पूरे पकठौल गांव सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई
पंचतत्व में विलीन हुए समाजवाद के प्रखर नेता प्रमोद कुमार चौरसिया, बड़े पुत्र ने दी मुखाग्नि।
जेपी आंदोलन के 1974 से सिपाही रह चुके पकठौल निवासी समाजसेवी , सरपंच व जदयू के प्रखंड अध्यक्ष प्रमोद कुमार चौरसिया का रविवार के रात्रि के करीब 11:00 बजे उनके पैतृक आवास पर निधन हो गया। वे 15 दिनों से बीमार चल रहे थे जिनका इलाज पटना के निजी अस्पताल में चल रहा था। उनके निधन की सूचना से पूरे पकठौल गांव सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उनके पार्थिव शरीर के दर्शन को लेकर निवास स्थान पर लोगों की भीड़ उमड़ी रही। वहीं पार्थिव शरीर के दर्शन को उनके सगे - संबंधी, सामाजिक व राजनीतिक सरोकार से जुड़े लोगों का आगमन जारी रहा।
श्री प्रमोद चौरसिया के निधन की खबर सुनकर पकठौल पंचायत के मुखिया पंकज कुमार सहनी, जनता दल यूके जिला अध्यक्ष रुदल राय, चेरिया बरियारपुर विधायक सह सचेतक राजवंशी महतो, तेघड़ा विधायक सह सचेतक राम रतन सिंह, बछवारा विधायक सुरेंद्र मेहता, महिला आयोग की पूर्व सदस्य रीना चौधरी, राजद के जिला अध्यक्ष मोहित यादव, तेघड़ा थाना अध्यक्ष संजय कुमार, जदयू नेत्री लक्ष्मी देवी, जिला पार्षद शिवचंद्र महतो,पूर्व जिला पार्षद जनार्दन यादव,भगवानपुर प्रखंड प्रमुख इंद्रजीत चंद्रवंशी,मुखिया अरविंद कुमार महतो, पंचायत समिति सदस्य बिंदु देवी एवं संजीव कुमार शंकर, सरपंच संघ के प्रखंड अध्यक्ष हीरालाल महतो, जदयू के वरिष्ठ नेता डॉ धर्मेंद्र पटेल, देव कुमार,अशोक सिंह भाषो , अविनाश कुमार, सरवर आजाद, राजेश कुमार चौधरी आदि ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि दी। जिला अध्यक्ष रुदल राय ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि श्री चौरसिया जदयू के कर्मठ नेता के अलावे 1974 से जेपी आंदोलन से लेकर लोहिया , कर्पूरी ठाकुर जैसे महान समाजवादी नेता के अनुयाई थे। वे समाज के लिए आजीवंत संघर्ष के प्रतीक बने रहे । जदयू की वरिष्ठ नेत्री सह महिला आयोग की पूर्व सदस्या रीना चौधरी ने अपनी शोक संदेश में कहा कि प्रमोद कुमार चौरसिया जैसे कर्मठ नेता को जदयू पार्टी हमेशा याद रखेगी। उनके चले जाने से हमने एक अच्छा नेता समाजवादी और समाजसेवी को खो दिया है। इनके निधन से समाज और जदयू पार्टी को बड़ी क्षति पहुंची है जिसकी भरपाई संभव नहीं है। उनके अंतिम यात्रा में सैकड़ो लोग शामिल हुए। उनका पार्थिव शरीर सोमवार को पंचतत्व में विलीन हो गया। उनकी अंत्येष्टि सिमरिया गंगा घाट पर पूरे वैदिक विधि विधान से हुई। उनके बड़े पुत्र नंदकिशोर कुमार ने मुखाग्नि दी। वे अपने पीछे धर्मपत्नी , तीन पुत्र,दो पुत्री सहित भरे पूरे परिवार छोड़ गए। वे पूर्व में भी जदयू के तीन बार प्रखंड अध्यक्ष,विशु्त्री के अध्यक्ष वर्तमान में पकठौल पंचायत के सरपंच एवं दुग्ध उत्पादक सहयोग समिति के अध्यक्ष एवं जदयू के प्रखंड अध्यक्ष के साथ ही समाजसेवी के रूप में उनका एक अलग पहचान था।













