प्रत्येक घर पुहंचकर लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा का कराएंगे सेवन
नावकोठी/बेगूसराय/आरएम न्यूज संवाददाता नवीन कुमार मिश्रा की रिपोर्ट
प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत पीएचसी नावकोठी में सभी पंचायतों के आशा कार्यकर्ताओं को एक दिवसीय फाइलेरिया मुक्त अभियान के तहत प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता बीसीएम सुशील कुमार ने करते हुए बताया कि सरकार की योजनाओं को शत-प्रतिशत सरजमी पर उतारना सभी की जिम्मेवारी है।फाइलेरिया से बचाव को लेकर दवा खाने के लिए सभी को समझाने की जरूरत है।
10 फरवरी से सभी सरकारी एवं गैर सरकारी स्कूलों सहित घर-घर जाकर 2 वर्ष से ऊपर के सभी बच्चों को दवा की खुराक खिलाना है। 2 से 5 वर्ष के बच्चों को डीईसी एवं एल्बेंडाजोल की एक एक गोली, 6 साल से 14 साल के किशोर को डीईसी की दो तथा एल्बेंडाजोल की एक और आईभर मैंट्रीन की एक गोली तथा 15 वर्ष से ऊपर के सभी लोगों को डीईसी की तीन गोली एल्बेंडाजोल की एक और आईभर मैंट्रीन की एक गोली गोली खिलाना है।जिला से आए जिला भेक्टर जनित रोग सलाहकार कुश कुमार ने बताया कि यह फाईलेरिया शरीर को अपंग और कुरूप करने वाली बीमारी है।दीर्घकालीन विकलांगता में यह बीमारी विश्व में दूसरे स्थान पर है।लिम्फैटिक फाईलेरिया को आम तौर पर हाथीपाँव के नाम से जाना जाता है।यह संक्रमण वुचरेरिया बैनक्रॉफ्टी नामक मच्छड़ के काटने से होता है।लगातार तीन साल तक दवा के सेवन करने पर यह बिमारी नहीं होता है।उन्होंने बताया कि 90 सेंटीमीटर लंबा बच्चा या 5 वर्ष से ऊपर के बच्चों को ही आईभर मैंट्रीन की गोली खिलाया जाएगा। फाइलेरिया से बचाव के लिए सरकार के द्वारा मुफ्त में दवा दी जा रही है। 2 साल से कम उम्र के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को दवा नहीं खिलाई जाएगी। इसके अलावा जो गंभीर रूप से बीमारी से पीड़ित हैं वैसे व्यक्ति को भी दवा नहीं दी जाएगी।फाइलेरिया से बचाव के लिए सोने के समय मच्छरदानी का प्रयोग करने एवं घर के आसपास साफ-सफाई रखने पर बल दिया। उन्होंने बताया कि घर के आसपास गंदगी रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ता है जिससे फाइलेरिया सहित कई प्रकार की संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है।






