होम गार्ड हत्या मामले में फैमिली जज का जमानत अर्जी खारिज
आरएम न्यूज संवादाता अवनीत कुमार की रिपोर्ट
खगड़िया परिवार न्यायालय के तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश राजकुमार(द्वितीय) का अंतरिम जमानत अर्जी माननीय उच्च न्यायालय पटना ने 25जनवरी 2023को खारिज कर दी है।
वहीं उक्त जज की पत्नी कुसुम देवी को उनकी गंभीर बीमारी का वर्णन करते हुए स-शर्त जमानत पर मुक्त करने का आदेश दिया गया। जज एवम उनकी पत्नी अलग अलग अंतरिम जमानत अर्जी उच्च न्यायालय में दाखिल किए थे, जबकि आदेश एक साथ पारित किया गया। घटना 1 फरबरी 2022को सुवह की है। होम गार्ड जवान 59 वर्षीय बीरेंद्र सिंह फैमिली जज के सरकारी आवास सिविल कोर्ट परिसर में सुरक्षा गार्ड में ड्युटी पर थे। कहा गया कि जज एवम उनकी पत्नी दोनों मिलकर बिरेंद्र सिंह को बेरहमी से पिटाई कर बुरी तरह जख्मी कर दिए थे, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई और वो बेहोश थे। उनके सर में मार से चोट थी और मुंह से खून की उल्टी हो रही थी। घटना का कारण था कि जज साहब और उनकी पत्नी बिरेंद्र सिंह को घर में झाडू पोछा लगाने एवम घरेलू कार्य करने का दबाव बनाते थे जो की वो इंकार कर दिए थे। इस आशय का प्राथमिकी महेशखुट के पतला निवासी होमगार्ड बिरेंद्र सिंह के पुत्र गौतम कुमार ने दर्ज कराई थी। इलाज के लिए उन्हें पटना ले जाया गया जहां 13दिनों तक आई सी यू में भर्ती रहने के बाद वहीं उनकी मृत्यु हो गई थी। प्राथमिकी में हत्या की धारा अंकित नहीं है। कहा गया कि घटना के समय से मृत्यु तक उन्हें एक बार भी होश नहीं आया था। घटना के दिन जज राजकुमार ने एक प्राथमिकी भी दर्ज कराई थी जिसमें उन्होंने उक्त होम गार्ड बिरेंद्र सिंह पर आरोप लगाया था कि इनके ऊपर बदतमीजी करते हुए राइफल तान दिया था।












