बेलदौर प्रखंड अंतर्गत पचौत पंचायत के शिव मंदिर के प्रांगण में सात दिवसीय श्रीमदभागवत कथा बाबा बैजू शास्त्री महाराज के द्वारा किया जा रहा था, जिसकी समाप्ति हो गई है।
भागवत कथा के अंतिम दिन हरिद्वार से आए बाबा बैजू शास्त्री महाराज के द्वारा प्रवचन किया गया। बाबा बैजू शास्त्री महाराज ने कहा कि इस भक्ति प्रेम ज्ञान यज्ञ की पावन बेला के आरंभ में व्यास पीठ से दिव्य वाणी के द्वारा कहा आज के इस संदर्भ में श्री मद्भागवत महापुराण कथा समाज को धर्म क्रांति में जीव को परम शांति का मात्र एक आधार है।
साथ ही उन्होंने कहा कि मानव जीवन का परम लक्ष्य नर से नारायण तक कि यात्रा एवं जीवन की सार्थकता इसी में निहित है। यह जीते जी जीवन के कला स्मार्ट ऑफ लिविंग एवं मरने की कला आर्ट ऑफ डेथ सिखाती है।वहीं भागवत कथा से पहले 251 कन्याओं के द्वारा कलश यात्रा निकाली गई थी जो चनंदह भगवती स्थान में मंत्रोच्चारण के साथ ही जलभर कर पुरे गांव का भ्रमण करते हुए यज्ञ स्थल पर कलश स्थापित किया गया था। बाबा बैजू शास्त्री ने कहा दान दी गई वस्तु को पुनः दुसरे ब्रह्ममन को दान करना बहुत बड़ा पाप है इसलिए दान किए हुए बस्तु को कभी भी दुसरे को दान नहीं करना चाहिए।
न्याय धीस को बदले के भावना से न्याय नहीं करना चाहिए नहीं तो उसे गिरगीट में जन्म लेना पड़ेगा। यज्ञ में सहयोग दे रहे शिवनंदन गुप्ता,राजद नेता नवल किशोर गुप्ता,उप मुखिया नविन कुमार उर्फ बबलू,राजद पंचायत अध्यक्ष मुकेश कुमार, शिवशंकर गुप्ता, प्रेम कुमार गुप्ता, शुशील कुमार,द्रवेश कुमार,विजय कुमार निराला, जयचंद गुप्ता,टुन टुन कुमार उर्फ रविश, विवेक गुप्ता, एवं गोगरी के पुर्व चेयरमैन रिता देवी मौजूद थे।




