*अंचल में दम है तो सरकारी जमीन पर कब्जा जमाये दबंग-रसुखदारों को बेकब्जा करके दिखाये- बंदना सिंह*
*सरकारी जमीन पर पुस्तैनी बसे लोगों को उजाड़ने का नोटिस दिये जाने से भड़की महिला नेत्री ने सीओ को कर दी चैलेंज*
*बंदना सिंह ने कहा, हमारे पास सड़क-पोखर पर दबंगों द्वारा कब्जा का कई मामला जिसे सीओ नहीं करा पाये खाली*
*भूमि, पर्चा, आवास, पहुंचपथ को लेकर 10 जनवरी को माले के अंचल घेराव को बड़ी भागीदारी से सफल बनाएं ताजपुरवासी- बंदना सिंह*
ताजपुर, समस्तीपुर सोओ में दम है तो दबंग, रसुखदारों के कब्जे से सरकारी जमीन को खाली कराकर दिखाये. हमारे पास सड़क-पोखर आदि सरकारी जमीन पर रसुखदारों द्वारा जमाये गये कब्जे का अदालत का आदेश एवं सरकारी दस्तावेज है. बार- बार लिखित आवेदन, मौखिक रूप से कहने के बाद भी न बंद सरकारी रास्ता खाली कराया गया और न ही रसुखदारों को बेकब्जा किया गया. पोखर, सड़क की जमीन आदि पर पुस्तैनी बसे दलित- गरीब- अक्लियतों को हटाने की नोटीस बार- बार दिये जाने से भड़की ऐपवा जिला अध्यक्ष सह भाकपा माले नेत्री बंदना सिंह ने कहा. इससे पहले वे रहीमाबाद के चित्रसेन पोखर पर पुस्तैनी बसे भूमिहीनों के बुलावा पर पहुंचकर नोटीस देकर हटने के आदेश पर आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा कि पहले भूमिहीनों एवं शादी- सुदा उनके पुत्रों का मुकम्मल सर्वे हो, उन्हें पर्चा- आवास देकर बसाने की व्यवस्था हो. महिला नेत्री ने सर्वे के दौरान पाया कि एक ही फुस के घर में साड़ी टांगकर दो- दो शादीसुदा बेटे अपने परिवारों के साथ रहने को विवश है. सीओ एवं सरकार को पहले ऐसे लोगों के पुनर्वास की वैकल्पिक एवं मुकम्मल व्यवस्था करना चाहिए फिर उन्हें विश्वास में लेकर हटाने की योजना बनाना चाहिए. महिला नेत्री के 10 जनवरी को भूमि, आवास, पर्चा, पहुंचपथ आदि की मांग पर भाकपा माले द्वारा अंचल घेराव को बड़ी भागीदारी दिलाकर सफल बनाने की अपील ताजपुर वासियों से की.


