गढ़पुरा : भक्तों में आस्था व विश्वास का उमंग जब चढ़ता है तब उन्हें श्रद्धा और भक्ति के आगे ना सर्दी लगती है ना गर्मी, ना ही धूप ना बरसात. कुछ ऐसा ही नजारा इन दिनों प्रखंड क्षेत्र से होकर बाबा बैद्यनाथ धाम देवघर जल चढ़ाने के लिए मिथिलांचल के तिरहुत क्षेत्र से श्रद्धालु पांव पैदल कंधे पर काम पर कांवर ले कांवड़ यात्रा पर निकले हैं ।ठिरठुराती शीतलहर में भी शिवभक्तों के जुबां पर सिर्फ एक ही लफ्ज़ होता है" बाबा नगरिया दूर है जाना जरूर है "और "जेकर नाथ भोलेनाथ उ अनाथ कैसे होई" का रट लगाए हुए बोल बम बोल बम करते देवघर को जा रहे हैं. कांवरियों के बोल बम के जयकारों के घोष से पूरा क्षेत्र शिवभक्त में बना हुआ है वही क्षेत्र के लोग भी जिनके हौसलों में उमंगों को देखकर बाबा भोलेनाथ के भक्ति और शक्ति में तल्लीन हो इन कांवरियों के सेवा में जुटे हुए हैं.














