*स्वामी विवेकानंद जयन्ती युवा दिवस के अवसर उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गौरा में किया गया विचार गोष्ठी का आयोजन,वक्ताओं ने कहा आज पश्चमी देश के लोग तेजी से भारतीय संस्कृति को अपना रहे है।*
अशोक कुमार ठाकुर, तेघड़ा (बेगूसराय)
स्वामी विवेकानंद जयंती युवा दिवस के अवसर पर प्रखंड के विभिन्न शिक्षण संस्थानों एवं सामाजिक संगठनों के द्वारा विविध प्रकार के रचनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है जिसमें खेलकूद पेंटिंग निबंध आदि प्रतियोगिताओं के साथ-साथ स्वामी विवेकानंद के विचारों एवं सिद्धांतों पर आधारित विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय गौरा में विद्यालय के प्रधानाध्यापक दिलीप कुमार सहनी की अध्यक्षता में स्वामी विवेकानंद विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया है जिसमें माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रखंड सचिव रवि कुमार, प्रभात कुमार, मेनका कुमारी, मधु कुमारी आदि ने स्वामी विवेकानंद के दर्शनों को वर्तमान युग में प्रासंगिक एवं उपयोगी बतलाया।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए परिषद बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला संयोजक अविनाश शास्त्री ने कहा की आज स्वामी विवेकानंद को विचारधारा के विचारक अपना महापुरुष नहीं मानते आज के भौतिकवादी युग में पूरी दुनिया को मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला एकमात्र स्वामी विवेकानंद के सिद्धांत एवं व्याख्यान है स्वामी विवेकानंद के सिद्धांतों को जाति धर्म संप्रदाय एवं पार्टी के सिद्धांतों से अलग हटकर व्यापक रूप से देखने की आवश्यकता है । इस अवसर पर शिक्षक प्रशिक्षण आदित्य मोनू ने कहा कि स्वामी विवेकानंद को युवाओं से भारी अपेक्षा थी । देश के युवाओं को व्यसन मुक्त चारित्रिक एवं नैतिक रूप से मजबूत होने की आवश्यकता है हमारा देश विश्व गुरु के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है और वह दिन दूर नहीं कि भारत पुनः विश्व गुरु होगा इस अवसर पर अंशु कुमारी , मुस्कान कुमारी, पीहू कुमारी , ज्योति कुमारी, अभिनव कुमार राहुल कुमार आदि मौजूद थे । वही संस्कृत मध्य विद्यालय मघुरापुर में विद्यालय के प्रधानाध्यापक महेश सिंह की अध्यक्षता में स्वामी विवेकानंद जी की जयंती मनाई गई जिस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक ,शिक्षिका एवं बुद्धिजीवी शामिल हुए








