एक दिवसीय धार्मिक सत्संग का आयोजन
आरएम न्यूज संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर, तेघड़ा (बेगूसराय)बेगुसराय जिला अन्तर्गत बछवाड़ा प्रखंड के गोधना पंचायत के पूरबारी टोल में श्री राम चरित मानस प्रथम गंगा त्रिवेणी गोष्ठी के तत्वावधान में एक दिवसीय सत्संग का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता लीला देवी ने किया। मुख्य अतिथि डा० राजकुमार आजाद ने संबोधित करते हुए कि इस संसार में सभी लोग दुखित है। " राजा दुखिया , प्रजा दुखिया , जोगी के दुख दूना,कहे कबीर सुनो भाई साधो एको घर ना सूना।" प्रत्येक मनुष्य सांसारिक दुख से बचने के लिए सर्व प्रथम पत्नी और पुत्र के पास जाता है लेकिन वहां भी दुख ही प्राप्त होता है तब एक मात्र रास्ता बचता है वह है संतों के शरण में जाना। " आग लगे संसार में झर झर गिरे अंगार,संत ना होते जगत तो जल जाता संसार।" अर्थात अगर व्यक्ति सतसंग में जाना छोड़ दे तो प्रत्येक परिवार कम से कम एक व्यक्ति सांसारिक दुखों से उब कर पागल हो जाएगा। अंत में कहा " जो काम दवा से ना होती वो काम दुआ से होती है, कामिल मुर्शीद मिल जाए तो बात खुदा से होती है।"मुख्य वक्ता प्रसिद्ध श्री मद्भागवत कथाकार डा० कैलाश जी महाराज ने संबोधित करते हुए कहा कि डाक्टर व्यक्ति अर्थात रोगी का इलाज करता है लेकिन संत समाज का इलाज करता है इसलिए संत डाक्टर से बहुत उपर होता है वशर्त संत सही हो ठग नहीं ।विशिष्ट अतिथिगण हरेराम चौधरी,अहलाद राय, महेश्वर दास, रंजीत पासवान, मीणा देवी, नूतन देवी,दुखनी देवी, राजकुमारी देवी आदि संतों ने अपने प्रवचन एवं भजन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। आयोजक हरे राम चौधरी ने सभी अतिथियों को पुष्पों की माला पहनाकर सम्मानित किया।












