महात्मा गांधी की 75वीं शहादत दिवस पर जनसंवाद कार्यक्रम
नावकोठी/बेगूसराय/संवाददाता नवीन कुमार मिश्रा की खास रिपोर्ट
प्रखंड क्षेत्र अन्तर्गत ररिऔना में महात्मा गाँधी की शहादत दिवस पर जनसंवाद कार्यक्रम का किया गया आयोजन। उच्च विद्यालय ररिऔना के प्रांगन में भगत सिंह विचार मंच के बैनर तले सोमवार को महात्मा गांधी की 75 वीं शहादत दिवस मनाई गई।कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व मुखिया रविंद्र सिंह ने की।कार्यक्रम में जनसंवाद का विषय था गांधी की शहादत एवं वर्तमान चुनौतियां।
कार्यक्रम का संचालन अमन कुमार एवं सन्नी कुमार ने संयुक्त रूप से किया।प्रथम संबोधन उद्घाटन में डॉक्टर भगवान प्रसाद सिन्हा ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि 30 जनवरी राष्ट्रीय शहादत दिवस है। आज ही के दिन एक ऐसे महामानव की हत्या हुई थी जिसने ब्रिटिश सल्तनत की जड़ें हिला दी थी और बोरिया बिस्तर बांध कर सात समुद्र पार कर दिया था।इंग्लैंड में पढ़ाई,बैरिस्टर बनना, दक्षिण अफ्रीका में मुकदमा लड़ने के लिए जाना और फिर भारत आकर अंग्रेजों के खिलाफ आजादी की लड़ाई लड़कर इतिहास रच दिया।उन्होंने कहा कि विश्व के 70 चौराहों पर गाँधी का फोटो लगा हुआ है।उनके साहस,राष्ट्र के प्रति निभाया गया कर्तव्य और प्रसिद्धि के कारण विश्व बापू और राष्ट्रपिता कहते हैं।बापू का हत्यारा गोडसेबादी की सत्ता देश में चल रही है।उसे उखाड़ फेंकना ही बापू की सच्ची श्रद्धांजलि होगी।दिल्ली से आए डॉ सर्वेश ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि गांधी को समझने की जरूरत है। गांधी कभी मजबूर नहीं हुए बल्कि वह सदा मजबूत रहे।बापू देश और दुनिया के इंसान की इंसानियत बचाने के लिए सदा संघर्ष करते हुए शहादत दी।केंद्रीय विश्वविद्यालय गया के कुमार नीरज ने कहा कि गांधी ने वामपंथी और दक्षिणपंथी के संघर्ष के बीच तीसरा विचार गांधीवाद दिया।वे देश से अधिक व्यक्ति को महत्व देते थे।उनका मानना था कि व्यक्ति मजबूत होगा तभी देश मजबूत होगा। इसलिए उन्होंने ग्राम स्वराज की स्थापना पर बल दिया था।विद्यालय के भूतपूर्व प्रधान रामकृपाल पासवान,जगरूप यादव, जगदीश यादव,पुनीत महतो आदि को चादर और बुके देकर सम्मानित किया।जनसंवाद को जन कवि दीना नाथ सुमित, लेखक महेश भारती, जिला परिषद अंजनी कुमार सिंह,जिला परिषद प्रतिनिधि राजेंद्र शर्मा, अनिल महतो सहित कई अन्य वक्ताओं ने कार्यक्रम के दौरान संबोधित किया।वहीं युवा बिग्रेड के द्वारा कार्यक्रम संचालन में सहयोग किया गया।

























