घने कोहरे के बीच बारिश से बढ़ी ठंढ़क से आम जनजीवन प्रभावित।
तेघड़ा ( बेगूसराय) लगातार कई दिनों से लग रहे घने कोहरे व शनिवार की रात्रि से रह रह कर परे बूंदा बूंदी से कड़ाके की ठंड का प्रभाव अब केवल पशु पक्षियों पर ही नहीं बल्कि आम लोगों की दिनचर्या को भी प्रभावित कर रहा है। आलम यह है कि शाम ढलते ही घने कोहरे और कड़ाके की ठंड अपना प्रभाव जमाना शुरू करता है और पूरे रात तथा दिन के लगभग 11 बजे तक इसका प्रभाव बना रहता है। जिसके कारण सबसे ज्यादा सड़कों पर चलने वाले वाहनों तथा रेल परिचालन प्रभावित होते हें। वहीं रोड पर साइकिल ,रिक्शा ,ठेला व दोपहिया सवार वाहनों को काफी सतर्कता के साथ चलना पड़ता है। कोहरे व कड़ाके की ठंड के कारण लोग शाम होते ही घरों में दुबक जाते हैं तथा देर सुबह खाट छोड़ने को मजबूर होते हें। खासकर देहारी और मजदूरी से जुड़े लोग तथा रिक्शा ठेला चलाने वाले लोगों को घने कोहरे व ठंड के सिकुड़न से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि बिहार सरकार के द्वारा 26 दिसंबर सोमवार से 31 दिसंबर तक विद्यालय बंद की घोषणा से छात्रों एवं अभिभावकों को थोड़ी राहत मिली है।दफ्तरों व कार्यालयों तथा प्रतिष्ठानों में काम करने वाले लोग अपने कार्यस्थल पर देर से पहुंच रहे हें । साथ ही बाजार की दुकानें भी देर से खुलती है। इस विपरीत मौसम में खासकर गरीब तबकों के लोग सबसे ज्यादा परेशान होने लगे हें । ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह शाम लोग जगह-जगह अलाव जलाकर राहत की सांस ले रहे हें । आलम यह है कि ठंड के चलते लोगों को घर से निकलने में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। काश अगर सामने कोई चुनाव रहता तो कई अवसरवादी लोग समाज सेवा की चोला पहनकर गरीबों और जरूरतमंद लोगों के बीच ठंड से बचाव के लिए राहत सामग्री भी बांटे जाते। प्रखंड के लोगों ने प्रखंड प्रशासन एवं नगर प्रशासन से जगह जगह अलाव जलाने की व्यवस्था एवं साधन विहीन लोगों के लिए कंबल वितरण की मांग की है।



