बरौनी जीरोमाइल NH-28 बना 'हादसों का फ्लाईओवर': 2-2 फीट के जानलेवा गड्ढे, NHAI के नाक के नीचे जिंदगी दांव पर !
संवाददाता मुकेश कुमार बीहट
राष्ट्रीय राजमार्ग 28 (NH-28) स्थित बरौनी जीरोमाइल ओवरब्रिज पर इन दिनों राहगीरों और वाहन चालकों का सफर किसी बड़ी परीक्षा या जानलेवा जोखिम से कम नहीं रह गया है। मुख्य फ्लाईओवर पर बने दो-दो फीट गहरे जानलेवा गड्ढे रोजाना बड़े हादसों को न्योता दे रहे हैं। बाइक सवार, चार पहिया वाहन, साइकिल चालक से लेकर भारी ट्रक-हर कोई इस बदहाल सड़क का शिकार बन रहा है।बारिश बनी आफत, जलजमाव में छिप रहे जानलेवा गड्ढेहाल ही में हुई बारिश के बाद स्थिति और भी खौफनाक हो गई है। सड़क पर बने गहरे-गहरे गड्डों में जलजमाव होने की वजह से चालकों को गड्ढे का सही अंदाजा पेल पाता। local ग्रामीणों और राहगीर, नुसारःसड़कों पर दुर्घटनाएं: पानी से भरे इन गड्डों में असंतुलित होकर कई मोटरसाइकिल सवार गिर चुके हैं और गंभीर रूप से घायल हुए हैं।सड़क की गहराईः ग्रामीणों ने दावा किया है कि सड़क के बीचों-बीच 2 फीट से भी अधिक गहरे गड्ढे बन चुके हैं।ट्रैफिक जाम और नुकसान: छोटे वाहनों के नीचे का हिस्सा (चेसिस) गड्डों में टकराकर क्षतिग्रस्त हो रहा है, वहीं बड़े ट्रकों की रफ्तार थम जाने से घंटों ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है।"दीया तले अंधेरा": NHAI दफ्तर के ठीक बगल में बदहालीस्थानीय लोगों में प्रशासन और एनएचएआई (NHAI) के खिलाफ भारी आक्रोश है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि बरौनी थाना के पास स्थित पेट्रोल पंप के बेहद करीब ही NHAI (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) का कार्यालय मौजूदग्रामीणों का कहना है: "अधिकारी रोज इसी रास्ते से गुजरते हैं और दफ्तर बैठते हैं, लेकिन दफ्तर के ठीक बगल में टूटकर जर्जर हो चुकी इस मुख्य सड़क पर किसी का ध्यान नहीं है। लगता है विभाग किसी बड़े जानमाल के नुकसान का इंतजार कर रहा है।"
स्थानीय ग्रामीणों और दैनिक यात्रियों ने NHAI के उच्च अधिकारियों तथा जिला प्रशासन से मांग की है कि बरौनी जीरोमाइल ओवरब्रिज की मरम्मत का काम अविलंब (इमरजेंसी बेसिस पर) शुरू किया जाए और इन गड्डों को भरकर सड़क को आवागमन के योग्य बनाया जाए ताकि आगे कोई अप्रिय घटना न घटे



