प्राथमिक विद्यालय सत्राजेपुर में धूमधाम से मनाई गई राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती, बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से मोहा मन
संवाददाता राम आधार साहनी बेगूसराय
अतिथि शुभम कुमार (कदम प्लस कोऑर्डिनेटर, डायट बेगूसराय) द्वारा बच्चों को पुस्तक भेंट।
अध्यक्षता प्रधानाध्यापक श्री अनंत कुमार।
प्रमुख रचनाएँ कुरुक्षेत्र, रश्मिरथी, उर्वशी, हुंकार, परशुराम की प्रतीक्षा।
विशेष उपस्थिति ग्रामीण, शिक्षक राम कुमार चौरसिया और विद्यालय के सभी छात्र-छात्राएं
प्राथमिक विद्यालय सत्राजेपुर में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर जी की जयंति भव्य तरीके से मनाई गई।दिनकर उत्सव के अवसर पर बच्चे संगीत,भाषण, चित्रकला प्रस्तुत किए।दिनकर जी की जीवनी ,उनके लेखनी कुरुक्षेत्र, रश्मिरथी,उर्वशी,हुंकार, परशुराम की प्रतीक्षा,की कविता ने बच्चो को नई जोश और प्रेरणा से भर दिया। डायट बेगूसराय से आए कदम प्लस को ऑर्डिनेटर शुभम कुमार के द्वारा बच्चों को पुस्तक भेंट किया गया। प्रधान अध्यापक श्री अनंत कुमार जी ने दिनकर जी की जीवनी और कविता बच्चो को सुनाया। नेहरू जी की पंक्ति "जब जब राजनीति लड़खड़ाई तब तब साहित्य ने उसे संभाला है" ।उसने बच्चों को जोश भरते हुए कहे"रे रोक युधिष्ठिर कौन यहां,जाने दे उसको स्वर्ग धीर,पर फिरा उसे गांडीव गदा ,लौटादे अर्जुन भीम वीर"। बच्चे और ग्रामीण भी कविता रूपी गंगा में डुबकी लगाई। शिक्षक राम कुमार चौरसिया ने भी दिनकर जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहे "शांति नहीं तब तक जब तक,सुखभाग ना सबका सम हो,नहीं किसी को बहुत अधिक हो ,नहीं किसी को कम हो।सभी बच्चे भी दिनकर जी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए।दिनकर की कविता में सभी सराबोर रहे । विद्यालय प्रधान अध्यापक अनंत कुमार जी सभी को धन्यवाद देते हुए कार्यक्रम की समाप्ति की घोषणा किए





