19 वी अखिल भारतीय जम्बूरी में ईसीआर ने लहराया परचम रेलवे सहित 44 राज्यो के पैतीस हजार सदस्यो ने लिया भाग। 10 राज्यो के द्वारा जिला स्काउट सचिव को स्टेट डे के अवसर पर किया सम्मानित।
अंग वस्त्रम, शॉल,स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया जीवानंद मिश्र को राष्ट्रीय जम्बूरी में।
ईसीआर से 281 सदस्यों ने लिया भाग।
बरौनी/,बेगूसराय/ सच आज तक न्यूज़ संवाददाता। महंत राम जीवन दास
अखिल भारतीय स्काउट एंड गाइड के राष्ट्रीय जम्बूरी लखनऊ में ईस्ट सेंट्रल रेलवे भारत स्काउट एंड गाइड राज्य मुख्यालय हाजीपुर जोन के पांचों मंडलो एवं छह जिला संघो के 281 सदस्यों ने उक्त कार्यक्रम में भाग लिया। बताते चले कि ईसीआर टीम का नेतृत्व जीवानंद मिश्र जिला सचिव गरहरा ने किया।जम्बूरी के प्रतियोगिता में स्टेट गेट,प्राथमिक उपचार,स्किलोरामा, हैंडीक्राफ्ट, रंगोली,पीजेंट शो,टू पोल टावर,एक्सिबिशन, फिजीकल डिस्प्ले,कैन भास पैंटीन पेंटिंग के अलावे दर्जनों प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था।जिसमे ईसीआर ने भारतीय रेलवे जोनों में तीसरा एवं राज्यो में सातवें पोजिशन लाया है।
जीवानंद मिश्रा जिला स्काउट सचिव गरहरा ने बताया कि यह स्काउट एंड गाइड का महा पर्व था ,जिसका आयोजन राष्ट्रीय मुख्यालय द्वारा हर पांच वर्षों में किया जाता है।इस कार्यक्रम का उद्घाटन महामहिम राज्य पाल उत्तर प्रदेश आनंदी बेन पटेल ने किया।वही समापन में महामहिम राष्ट्रपति महोदया द्रोपदी मुर्मू एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने किए थे।
बताते चले कि जिला स्काउट सचिव को जिन राज्यो ने सम्मानित किया उसमे दिल्ली,राजस्थान, बिहार,झारखंड, हरियाणा,तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, तेलंगाना एवं ,उत्तर प्रदेश ने शॉल, प्रतीक चिन्ह,अंग बस्त्र आदि दिया।वही राष्ट्रीय जम्बूरी में दिए गए अवार्ड को मुख्यालय हाजीपुर में जमा किये जाने है।इसमें भाग लेने वालों में राज्य संगठन आयुक्त स्काउट नीरज चंद्र मिश्रा, अशोक कुमार सिंह,संटू कुमार,मनीष कुमार,पंकज कुमार राकेश,शशिकांत,चंदन कुमार,सुलेखा कुमारी ,निक्की कुमारी के अलावे गरहरा से 40 सदस्यो ने भाग लिया।
कार्यक्रम की सफलता पर बधाई देने वालो में मुख्य राज्य आयुक्त पी एफ ए ,नीरज वर्मा ,राज्य आयुक्त स्काउट अरविंद रजक,राज्य सचिव जितेश कुमार मंडल,सहाय राज्य सचिव प्रभात कुमार,मुख्य जिला आयुक्त सोनपुर तांती, जिला आयुक्त गरहरा डॉ कमल कुमार भगत,सोनपुर ,दिलीप पासवान,कुलदीप कुमार,विकाश चंद दत्ता आदि ने दिया।


