डबल ट्रैक रेल पुल सिमरिया से हाथीदह का निर्माण कार्य जोरों पर। पहले सिक्स लाइन पुल फिर डबल ट्रैक निर्माण कार्य जोरों पर।
बरौनी/बेगूसराय/संवाददाता महंत रामजीवन दास की रिपोर्ट
केंद्र सरकार के पहल पर पहले औटा से सिमरिया गंगा नदी पर सिक्स लाइन पुल का निर्माण कराया गया। अब डबल ट्रैक रेल पुल निर्माण का कार्य द्रुत गति से हो रहा है। सिमरिया डबल ट्रैक रेल पुल निर्माण कार्य के साथ-साथ अब उस पर रेल ट्रैक बिछाने तथा इलेक्ट्रिक से जुड़े कार्य द्रुत गति से किये जा रहे हैं। निर्माण कार्य में जुटे अधिकारी के अनुसार 18 पिलर वाले उक्त डबल ट्रैक रेल पूल निर्माण लगभग 90% से अधिक पूरा कर लिया गया है। अब एक 12 नंबर पिलर का निर्माण व उस पर सुपर स्ट्रक्चर लॉन्चिंग करने का कार्य शेष बचा हुआ है। इसे दो माह के भीतर हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा। पूल निर्माण के साथ-साथ पुलों के हाथिदह
सिरे से पुंलों के ए-1 नंबर पिलर से 11 नंबर पिलर तक पुलों के दोनों लेन पर रेल ट्रैक बिछाने का कार्य पूरा कर लिया गया है,जल्द ही बेगूसराय सिरे से 18 नंबर पिलर से 12 नंबर पिलर तक रेल ट्रैक बिछाने का कार्य शुरू हो जाने के साथ-साथ इलेक्ट्रिक केवल लगाने का कार्य शुरू हो जाने के साथ-साथ इलेक्ट्रिक वो केवल लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। पूल निर्माण के बाद इसका ट्रायल सीआरएस के बाद इस पर ट्रेनें दौड़ने लगेगी।
बेगूसराय जिले के गंगा नदी पर राजेंद्र सेतु के समानांतर निर्माण हो रहे हाथीदह सिमरिया डबल रेल ट्रैक पूल पर अब अगले वर्ष 2026 के अंत तक एक साथ दो -दो ट्रेन दौड़ने के साथ ही सिमरिया में उत्तर वह दक्षिण बिहार को जोड़ने वाली गंगा नदी पर एक साथ तीन -तीन ट्रेनें दौड़ेगी।
नवनिर्मित डबल ट्रैक रेड पुल के अलावा राजेंद्र सेतु के एक रेल ट्रैक पूल भी शामिल है। हाथीदह जंक्शन से सिमरिया डबल रेल ट्रैक पुल चालू हो जाने से अब रेल यात्रियों को सिग्नल रेल ट्रैक वाली राजेंद्रपुल के रेल मार्ग से गुजरने के लिए सिग्नल का इंतजार करना नहीं पड़ेगा। पूर्ण निर्माण के बाद ट्रेनों की रफ्तार के साथ ही आवागमन की सुविधाओं के साथ-साथ मालवाहक ट्रेनों की संख्या में भी वृद्धि हो जाएगी। बताया गया है कि इस रूट से कई ऐसे ट्रेनों को भी चलाया जाएगा, जिसको राजेंद्र सेतु के सिंगल रेल पूल को व्यस्त रहने के वजह से अन्य रूट से चलाया जा था । इधर पुल निर्माण के साथ-साथ इसके दोनों ओर नजदीक वाले स्टेशनों को विकास का कार्य भी किया जा रहा है। राजेंद्र पुल के दोनों और हाथीदह जंक्शन , औटा, रामपुर डुमरा व सिमरिया में राजेंद्र पुल स्टेशन भी शामिल है। विदित हो की निर्वाध रूप से ट्रेन परिचालन को लेकर ही पिछले तीन वर्षों से राजेंद्र सेतु के रेल मार्ग को मरम्मत किया जा रहा है। बताया गया कि डबल ट्रैक रेल पुल का निर्माण के दौरान इसकी मजबूती के साथ-साथ इन दिनों तेज गति से चलने वाली बंद- भारत,व नमो भारत सहित हाई स्पीड में चलने वाले अन्य ट्रेनो को ध्यान में रखकर निर्माण कार्य किया गया है। ईस्ट सेंट्रल रेलवे ने 01-86कि मी लंबा लगभग-1700 करोर की लागत से निर्माण होने वाले उक्त पूल निर्माण कार्य का जिम्मा दिसंबर 2018 में मुंबई की एजेंसी इफकान इंफ्रास्ट्रक्चर को दिया गया था। गंगा नदी में हर वर्ष आने वाली बाढ़ समेत अन्य समस्याओं की वजह से उक्त पूल का निर्माण कार्य पूरा होने की निर्धारित तिथि कई बार फेल हो चुकी है। अब अगले वर्ष 2026 के अंत तक निर्माण कार्य पूरा होने की संभावना बताई जा रही है। पूल के निर्माण हो जाने के बाद सीआरएस द्वारा निरीक्षण उपरांत ट्रायल कराने के बाद इस पर ट्रेनें दौड़ने लगेगी। जिससे राजेंद्रपुल के रेल मार्ग से गुजरने के लिए सिग्नल का इंतजार करना नहीं पड़ेगा। जिससे रेल यात्रियों को सुविधाएं होगी।







