राम नाम कलयुग मे जीवन का आधार है, जो संकट से करता है उद्धार - सचिन मेहता
बरौनी/बेगूसराय/संवाददाता महंत रामजीवन दास की रिपोर्ट
बरौनी नगर परिषद अंतर्गत वार्ड 28 के बारो रामपुर टोला महावीर स्थान के प्रांगण में नौ दिवसीय श्रीरामचरितमानस पाठ का शुभारंभ 7 नवंबर से हुई। पूरा वातावरण राममय में तवदील हो चुका है। कथा वाचन करते हुए सचिन मेहता ने राम नाम को जीवन का आधार बताया, जो मानवता के संकट से उद्धार करता है। प्रभु श्रीराम का जन्म केवल एक अवतार की कथा नहीं, बल्कि धर्म, मर्यादा और करुणा के आदर्श की स्थापना का प्रतीक है। राम नाम की महिमा अपरंपार है, और प्रभु श्रीराम स्वयं कह गए हैं कि राम से बड़ा राम का नाम। उनके अनुसार, राम नाम केवल एक शब्द नहीं, बल्कि सबसे बड़ा मंत्र है ,जो जन्म से लेकर मृत्यु तक, जीवन के हर संस्कार में राम नाम का उच्चारण होता राहता है। श्री रामचरितमानस के बालकांड के मार्मिक प्रसंग सुन भक्त भाव विभोर हो गए। कथा के दौरान पंडाल जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। उन्होंने बताया कि भगवान शंकर और माता पार्वती श्रद्धा व विश्वास का स्वरूप हैं। श्रद्धा व विश्वास के बिना परमात्मा का मिलन नहीं हो सकता। जब तक हम अपने आत्मा के अंदर ईश्वर और गुरु के प्रति श्रद्धा व विश्वास नहीं रखेंगे, तब तक हमारे आत्मा के अंदर भगवान के दर्शन नहीं होंगे। बालेश्वर प्रसाद शर्मा एवं अशोक महतो ने कहा कि रामचरित मानस भगवान का मानसरोवर है। जिस सरोवर की दो सीढ़ियां हैं। पहला राम और दूसरा चरित। इन दोनों सीढ़ियों से ही उस सरोवर तक पहुंचा जा सकता है।भगवान श्रीराम की कथा सुनी ही नहीं, गायी भी जाती है। तन का मैल धोने के लिए वैज्ञानिकों ने अनेक अविष्कार किए हैं। लेकिन मन का मैल धोने के लिए कोई अविष्कार नहीं हुआ है। उसके लिए ही संत तुलसीदास ने श्री रामचरितमानस की रचना की। मौके पर अध्यक्ष दीपक महतो, उपाध्यक्ष रोहित महतो, सचिव विशाल साह, रिशु महतो, बिट्टू चौधरी, नवल महतो, आलोक, राजा एवं दर्जनों श्रद्धालु गण मौजूद थे।


