Breaking Posts

6/trending/recent
Type Here to Get Search Results !

Photography

Sach Aaj Tak News लगभग 4 वर्षों के राजनीतिक वनवास के बाद विधायक बने रजनीश कुमार।

 **लगभग 4 वर्षों के राजनीतिक वनवास के बाद विधायक बने रजनीश कुमार।**



**तेघड़ा के मास्को को ध्वस्त करने वाले रजनीश कुमार बिहार के  नई सरकार में मंत्री बनने के लाइन में है।**



**चार्टर्ड अकाउंटेंट रजनीश कुमार अपनी राजनीतिक जीवन की शुरुआत 2006 में जिला परिषद सदस्य के रूप में की थी।†*


**2009 में बेगूसराय खगड़िया स्थानीय प्राधिकार का चुनाव लड़ा और उसे समय की निर्मल सामान विधान पार्षद उषा सनी को शिकायत देकर विधान पार्षद बने।**


**2014 में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री के  पद को सुशोभित किया**


**2015 में फिर से विधान पार्षद बने।**


बरौनी/बेगूसराय/संवाददाता। महंत राम जीवन दास की रिपोर्ट


 समय परिवर्तनशील है। न जाने कब किस समय किसका भाग्य चमक जाए। लगभग 4 वर्षों तक राजनीतिक वनवास के उपरांत आखिर भारतीय जनता पार्टी द्वारा तेघड़ा विधानसभा चुनाव में टिकट मिलते ही उनकी उम्मीदवारी से सभी चौंक पड़े। भारतीय जनता पार्टी एवं जदयू के कई नेताओं में बगावती तेवर भी देखने को मिले। लेकिन जिले के सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की पहल पर भाजपा से लेकर जदयु तक के बिच्छुवधो में एक-आध छोड़कर बाकी को मना लिया गया। सभी घटक दल के नेता एवं कार्यकर्ताओं ने एक जूटता के साथ चुनाव के मैदान में खड़ा होकर मेहनत करके चुनाव जीतने में सफलता हासिल की।

कई दशकों से उक्त क्षेत्र में लाल झंडे का परचम मास्को के नाम से फहरा रहा था, जो धवस्त हो गया। यहां तक की महागठबंधन के भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के विधायक रहे उम्मीदवार राम रतन सिंह को अपने गांव और अपने वार्ड के बूथों से हारने को मजबूर होना पड़ा। 

चार्टर्ड अकाउंटेंट रजनीश कुमार ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 2006 में जिला परिषद सदस्य के रूप में की थी। श्री कुमार ने भगवानपुर प्रखंड से जिला परिषद क्षेत्र संख्या 5 से भारी मतों के अंतर से जिला परिषद सदस्य निर्वाचित हुए और उसके बाद वह भाजपा से जुड़कर अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की। 

2009 में बेगूसराय खगड़िया स्थानीय प्राधिकार का चुनाव लड़ा व भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार तथा उस समय की वर्तमान विधान पार्षद उषा सहनी को शिकस्त देकर विधान पार्षद बने। 2010 में श्री कुमार भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री बनाए गए। वहीं वर्ष 2014 में श्री कुमार भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री पद को सुशोभित किया। बिहार विधान परिषद में सचेतक से लेकर अन्य संसदीय संस्थाओं के सदस्य भी रहे। 2015 में फिर से एक बार वह विधान पार्षद बने और इस बार उन्होंने  शुवे के कदावर नेता आरएन सिंह क छोटे पुत्र डॉ संजीव कुमार को मात्र64 मतों से पराजित किया था, लेकिन 2022 में हुए विधान परिषद के चुनाव में तत्कालीन प्रवक्ता के विधायक रहे डॉक्टर संजीव कुमार (जदयू) के अग्रज राजीव कुमार (कांग्रेस) के हाथों 535 मतोऊ हर का सामना करना पड़ा। बताया जाता है कि उस समय भाजपा व जदयू के साथ रहने के बावजूद भीतरघात की वजह से रजनीश कुमार को हार का सामना करना पड़ा। उसके बाद से श्री कुमार एक तरह से राजनीतिक वनवास की जिंदगी जी रहे थे। लेकिन 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी के आला कमान के निर्णयानुसार जिला से गए चार नाम में से एक नाम रजनीश कुमार का था, जिन्हें टिकट देकर मांशको जैसे तेघड़ा विधानसभा से गठबंधन का टिकट देकर उम्मीदवार बनाया। जिसको लेकर भाजपा के कुछ स्वार्थी कार्यकर्ताओं द्वारा भरपूर विरोध किया गया। वही जदयू के पूर्व में सीट रहने के कारण कुछ नेताओं ने विरोध किया। भारतीय जनता पार्टी के एक नेता ने तो निर्दलीय उम्मीदवारी भी पेश कर दी। लेकिन जिले के सांसद और बड़ीय नेताओं के पहल पर इक्का दुक्का को छोड़कर के सबों को एक साथ होने के लिए मानने को मजबूर होना पड़ा। और सबों ने मिलकर के एक जुटता के साथ चुनाव लड़कर मास्को को ध्वस्त कर कमल फूल खिलने का कार्य किया। अब चर्चा है कि तेघड़ा से चुने जाने के बाद विधायक रजनीश कुमार को मंत्री की पोर्टफोलियो भी मिलने की बात कही जा रही है। वह खुलासा भी एक दो दिन के अंदर हो जाएगी। क्योंकि आज पुराने सरकार का इस्तीफा राज्यपाल को नीतीश कुमार सौंपेंगे और फिर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। जिनके साथ में लगभग 16 मंत्री भी बनाए जाएंगे?

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad

Breaking News

Ads Bottom