तीन दिनों के अंदर तीन युवकों को चाकू से घायल करने वाला आरोपी को उसके पिता ने ही समाज के सहयोग से उसे पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया।
कसूर वार पुत्र को पकर कर पुलिस के हवाले कर देने से पिता समाज के अंदर चर्चा का विषय बने।
बरौनी/बेगूसराय/संवाददाता महंत राम जीवन दास की रिपोर्ट
इस घोर कलयुग में आज भी ऐसे पिता है जो अपने पुत्र के द्वारा किए गए अपराध को स्वीकार करते हुए उन्हें कानून के हवाले करने से नहीं हिचकते। ऐसा ही एक मामला फुलवरिया थाना क्षेत्र के तारा अड्डा (चंद्रवंशी चौक) पर देखने को मिला है। बताया जाता है कि सोमवार को अहले सुबह अमरजीत कुमार का 20 वर्षीय पुत्र आयुष कुमार रविवार की रात्रि में अपने ही परोस के एक युवक का मोबाइल चोरी कर लिया, और सुबह में मोबाइल धारक चंदन राम के 18 वर्षीय पुत्र अमन कुमार जब अपना मोबाइल उसके हाथ में देखा तो दोनों के बीच कहां सनी प्रारंभ हो गई। इसी क्रम में मोबाइल चोरी करने वाले युवक ने मोबाइल धारक के ऊपर चाकू से वार कर दिया, यह देखकर दोनों के बीच बीच बचाव करने पहुंचे विनोद राम 20 वर्षीय पुत्र सूरज कुमार को भी चाकू से वार कर घायल कर दिया और भाग जाने में सफल रहा। सूचना पाते ही फुलवरिया थाना की पुलिस घटना स्थल पर पहुंचकर घायल को थाना ले गई और उसके बयान पर थाने में मामला दर्ज की। फिर घायल को तेघराअस्पताल भेज कर उसका इलाज करवाया। लेकिन घटना को लेकर समाज के अंदर आक्रोश फैल गया।इसी बीच आरोपी के पिता ने अपने लड़के को समाज के सहयोग से ढूंढ कर पुलिस के हवाले कर दी। जिस कारण समाज के अंदर आरोपी के पिता अमरजीत कुमार का सम्मान होने लगा और उनकी चर्चा होने लगी। समाज ने कहा कि ऐसा पिता होना जरूरी है जो अपने पुत्र के किए गए गलत कार्य का विरोध करते हुए उसे कानून के हवाले कर दिया।
बताया जाता है कि 2 दिन पूर्व भी मोबाइल चोरी के आरोप में उक्त आरोपी द्वारा जितेंद्र राम के 26 वर्षीय पुत्र अरुण कुमार को भी चाकू मार कर घायल कर दिया था। जिसमें पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी किया था। लेकिन जांचों उपरांत आपसी छोटी-मोटी घटना कहते हुए पुलिस ने उसे छोड़ दिया था। लेकिन देहात में एक कहावत है की बिल्ली कहीं समझे पूजा का दही। घटना किया, छूट गया,मनोबल ऊंचा हो गया,और फिर घटना को अंजाम दे दिया। तब पिता ने समाज में अपना मान सम्मान देखते हुए समाज के बल पर आरोपी को पड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। ऐसा तो हर पिता को करना चाहिए।


