सामाजिक जीवन जीने की कला सिखाती है स्काउट एंड गाईड -डॉ शफी अहमद।
1970 से 1998 तक पूर्व राष्ट्रपति अवार्डी का दो दिवसीय सेमिनार।
राष्ट्रपति अवार्डी आकर किया गरहारा के पवित्र भूमि का नमन।कार्यक्रम में दिखा मिनी भारत का नजारा।
बरौनी /बेगूसराय/ सच आज तक न्यूज़ संबाददाता महंत राम जीवन दास की रिपोर्ट
सामाजिक जीवन जीने का कला सीखती है स्काउट एंड गाइड संस्था, उक्त बातें ईस्ट सेंट्रल रेलवे भारत स्काउट एंड गाइड जिला संघ गरहारा के प्रांगण में आयोजित दो दिवसीय सीनियर स्काउटर एवं गाइडर सेमिनार में पूर्व जिला आयुक्त स्काउट सह पूर्व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ शफी अहमद ने कही।
उन्होंने ने कहा कि गरहारा अस्पताल एवं स्काउट पार्क गरहारा मेरे कार्यकाल के स्वर्णिम दिनों में रहा है, मैं इस संस्था एवं इस धरती को नमन करता हु की हमे आगे बढ़ने का मौका दिया।साथ ही मेरे सामाजिक जीवन की कला हम यही से सीखे है, जिससे मै विभिन्न मंडलो में गया ,जिसको लेकर कहि भी कोई परेशानी नही हुई ।
मौके पर जिला आयुक्त स्काउट सह वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ कमल कुमार भगत ने सभी सीनियर सिटीजन का स्वागत किया, तथा इसमें भाग लेने हेतु बहुत बहुत धन्यवाद दिया।
कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रपति अवार्डी जीवानंद मिश्रा जिला सचिव ने किया, तथा धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम संयोजक अवधेश कुमार सिंह ने किया।
इस कार्यक्रम में जो 1970 से 1998 तक के राष्ट्रपति अवार्डी एवं लीडर ट्रेनर,सहायक लीडर ट्रेनर ने 70 की संख्या में भाग लिया। जो गरहारा के धरती से अपना रेलवे का नौकरी एवं जीवन यापन शुरू किया था।
बताते चले कि प्रतिभागी लोगो ने जब पुराने दिनों को याद किया तो सब के आंखें नम हो गई।
मौके पर नंद कुमार मेहता,सुरेंद्र कुमार,रामवृक्ष साह, बाबूलाल मेहता,कविता भौमिक,निभा रानी चकत्वर्ती,हरमोहन सिंहअहुलवालिया, संतोष कुमार सक्सेना दद्दू, वंदना गुप्ता,अल्पना गुप्ता,सविता पांडे,वीरेंद्र कुमार,महेश ठाकुर,दीपेंद्र किशोर सिन्हा, अनुज रंजन,रंजीत कुमार ,अशोक सिन्हा, मनोज कुमार सिंह,विपिन कुमार पांडे, मनीष कुमार,महेश दास,कुंदन पांडे,गजेंद्र कुमार,उदय शंकर,चंदन कुमार,संतोष सिंहा ,रंजीत आदि ने भाग लिया।




