**उदयाचल गामी सूर्य के पूजन के दौरान 18 वर्षीय युवक सच्चा बाबा पोखर में स्नान के दौरान डूब गया। जिससे उसकी मृत्यु हो गई।**
**मृतक की पहचान गौरा पंचायत एक वार्ड आठ निवासी सज्जन शर्मा की 18 वर्षीय पुत्र संदीप कुमार के रूप में की गई।**
**21 अक्टूबर को बॉलर्डर घाट मथुरापुर में डुबे मुरलीगंज निवासी लुरो पोद्दार की 25 वर्षीय पुत्र संदीप पोद्दार का सब पांचवें दिन सिमरिया घाट में तैरते हुए बरामद किया गया।**
**बरौनी/बेगूसराय/संवाददाता महंत रामजीवन दास की रिपोर्ट
तेघरा प्रखंड के गौरा एक वार्ड-8 निवासी सज्जन शर्मा के18 वर्षीय द्वितीय पुत्र संदीप कुमार अपने चचेरे दादा वो उनके परिवार के साथ सच्चा बाबा पोखर गौरा -1 पर उदयाचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के दौरान स्नान के क्रम में गहरे पानी में चले जाने से डूबने से उसकी मृत्यु हो गई। बताया जाता है कि डूबने के दौरान उपस्थित लोगों ने उसे बचाने का भरपूर कोशिश किया ,लेकिन असफल रहे। सूचना पाकर तेघड़ा अंचलाधिकारी रवि शंकर कुमार एवं थाना अध्यक्ष अमित कुमार तत्क्षण घटनास्थल पर पहुंचकर स्थानीय गोताखोरों के मदद से करीब घंटे बाद डूबे हुए युवक को पोखर से बाहर निकाला और उसे बरौनी स्थित एक निजी क्लीनिक में इलाज हेतु ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने नवज देखते ही उसे मृत घोषित कर दिया। जिसको लेकर परिजनों एवं ग्रामीणों में कोहराम मच गया।
बताया जाता है कि मृतक दो भाइयों में छोटा था और उसके माता-पिता बेंगलूर में मजदूरी करते हैं ,और भाई भी छठ के खरना के दिन अपनी पत्नी के साथ अपने ससुराल रानी गांव गया हुआ था। घटना की सूचना पाते ही पति-पत्नी दोनों अपने घर पहुंच गए। और माता-पिता भी सूचना पाकर प्लेन से अपने घर के लिए रवाना हो गए। जबकि प्रशासन ने शश को अपने कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम हेतु बेगूसराय सदर हॉस्पिटल भेज दिया। पर्व के समय में इस हादसे को लेकर पूरे गांव में मायूसी छा गई।
वही दूसरी ओर मधुरापुर दक्षिण टोल बोल्डर घाट में 5 दिन पूर्व गुरुवार 23 अक्टूबर को स्नान के दौरान मधेपुरा जिले के मुरलीगंज निवासी लुरो पोद्दार के 25 वर्षीय पुत्र संदीप पोद्दार डूब गया था, जिसका पांचवा दिन सोमवार के सुबह करीब 8:00 बजे सिमरिया घाट गंगा में तैरते हुए देखा गया, जिसकी सूचना मछुआरों ने चकिया थाना पुलिस को देकर शब को बाहर निकाला। चकिया थाना पुलिस ने इसकी सूचना तेघरा थाना पुलिस को दी ।शव की पहचान उनके परिजनों ने, जो बोल्डर घाट पर ही गमगीन होकर बिलाप कर रहे थे। उनके द्वारा शव की पहचान करा कर कानूनी प्रक्रिया करते हुए शव को उनके परिजनों को सौंप दी गई।



