भक्तों की समस्त मनोकामनाएं पूरी करती हैं देवी मां स्कंदमाता
बीहट बेगूसराय संवाददाता मुकेश कुमार
बरौनी प्रखंड दुर्गा मंदिर व मंडपों में माता दुर्गा के पांचवें स्वरूप मां स्कंदमाता की पूजा-अर्चना शुक्रवार को भक्तिभाव के साथ श्रद्धालुओं ने की। शहर समेत प्रखंड के मंदिरों व आसपास के इलाकों में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। शाम में मां दुर्गा की आरती व भजन की गूंज चहुंओर सुनाई देने लगी है। प्रखंडों में भी शारदीय नवरात्र को लेकर उत्साह चरम पर है। एक ओर क्षेत्र के दुर्गा मंदिरों में दुर्गा सप्तशती के पाठ से माहौल भक्तिमय होता जा रहा है। संध्या आरती में तो भक्ति की धारा बह रही है। इधर, पिपरा देवास दुर्गा मंदिर के नितेश झा आचार्य पंडित ने कहा कि मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप स्कंदमाता को मोक्ष के द्वार खोलने वाली माता के रूप में पूजा जाता है। कहा जाता है शारदीय नवरात्र के दौरान सिद्धपीठ बीहट बड़ी दुर्गा मंदिर दुर्गा में होने वाली संध्या आरती में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। कि स्कंदमाता भक्तों की समस्त कामनाओं की पूर्ति करती हैं। मां दुर्गा के पंचम स्वरूप देवी स्कंदमाता की उपासना से भक्त की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं और जीवन में खुशियां आती हैं। संतान प्राप्ति के लिए स्कंदमाता की आराधना करना लाभकारी माना गया है। स्कंदमाता की पूजा से भक्त को मोक्ष मिलता है। पंडित शिवम शास्त्री काशी बनारस से स्थित दुर्गा मंदिर में पूजा के दौरान कहा कि पहाड़ों पर रहकर सांसारिक जीवों में नवचेतना का निर्माण करने वाली स्कंदमाता हैं। नवरात्र शारदीय नवरात्र को ले आकर्षक तरीके से सजा सिद्धपीठ बीहट बड़ी दुर्गा मंदिर। में पांचवें दिन इस देवी की पूजा-अर्चना की जाती है। इनकी कृपा से मूढ़ भी ज्ञानी हो जाता है। स्कंद कुमार कार्तिकेय की माता के कारण इन्हें स्कंदमाता नाम से अभिहित किया गया है। विग्रह में भगवान स्कंद बालरूप में इनकी गोद में विराजित









