विद्वान ब्राह्मणों के अनुसार कात्यानी दुर्गा मां की पूजा महत्वपूर्ण पूजा कही जाती है। जो नवरात्रा के छठे दिन की जाती है।
बरौनी/ बेगूसराय/संवाददाता महंत रामजीवन दास की रिपोर्ट।
नवरात्रि के छठे दिन की पूजा का विशेष महत्व बताया जाता है। इस दिन देवी दुर्गा के कात्यायनी स्वरूप की पूजा की जाती है कात्यायनी की महिमाः. देवी की शक्तिः कात्यायनी देवी की शक्ति और बल की प्रतीक हैं। उनकी पूजा करने से व्यक्ति को शक्ति और साहस मिलता है। रोग और शोक का नाशः कात्यायनी देवी की पूजा करने से रोग और शोक का नाश होता है, और जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता मिलती है। आध्यात्मिक विकासः कात्यायनी देवी की पूजा करने से आध्यात्मिक विकास होता है और व्यक्ति की आत्मा को शुद्धि और आत्मा में संतुष्टि मिलती है।पूजा और अनुष्ठानः- विशेष पूजाः कात्यायनी पूजा के दिन देवी कात्यायनी की विशेष पूजा की जाती है, जिसमें उन्हें फूल, फल, और अन्य पूजा सामग्री अर्पित की जाती है। मंत्र जापः कात्यायनी देवी के मंत्रों का जापऔर अनुष्ठान किए जाते हैं।आध्यात्मिक शक्तिः निशा पूजा करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक शक्ति का अनुभव प्राप्त होता है। जिससे वह जीवन की चुनौतियों का सामना करने में अपने को सक्षम पाता है। पूजा और अनुष्ठानः- विशेष पूजाः कालरात्रि पूजा के दिन देवी कालरात्रि की विशेष पूजा की जाती है, जिसमें उन्हें फूल, फल, और अन्य पूजा सामग्री अर्पित की जाती है।. मंत्र जपः कालरात्रि देवी के मंत्रों का जप करना एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है, जो कि उनकी शक्ति और कृपा को आकर्षित करत है।कालरात्रि मंत्रः जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता। लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी।।"निष्कर्षःकालरात्रि देवी पूजा नवरात्रि के सातवें दिन की जाती है, जिसमें देवी दुर्गा के कालरात्रि स्वरूप की पूजा की जाती है। इस पूजा से व्यक्ति को शक्ति, साहस, और आध्यात्मिक विकास मिलता है, और जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता मिलती है मंगलवार को संध्या नव दुर्गा मंदिर पिपरा देवस में माँ भगवती का पावन जगरना आयोजित की जाती है साथ ही, आज मंगलवार की रात्रि 12:35 के उपरांत माता का दर्शन माँ दुर्गा के स्वागत में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएँ, माता के दर्शन करें और उनके असीम कृपा-आशीर्वाद के भागी बनें। आइए, इस पवित्र अवसर पर एकत्रित होकर माता की भक्ति में लीन हों और पुण्य लाभ अर्जित करें। माँ भगवती का आशीर्वाद प्राप्त करें मां दुर्गा समिति के सदस्यों द्वारा माता की पूजा सहित दर्शन करने वाले भक्तों की सेवा भाव करने की अवसर प्राप्त होता है। बरौनी क्षेत्र के लगभग दो दर्जन माता के मंदिरों में मां की पूजा की पाठ से क्षेत्र में माता की जय जयकार हो रही है।



