शोकहारा एक स्थित आर्यभट्ट कोचिंग सेंटर, बी के एस क्लासेस आज की में छात्र छात्राओं ने धूमधाम से शिक्षक दिवस मनाया।
इस सेंटर में लगभग 100 से ऊपर छात्र छात्राएं शिक्षा ग्रहण करती है।
बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने वाले चार शिक्षक और तीन शिक्षिकाएं कार्यरत हैं।
बरौनी/बेगूसराय/ सच आज तक न्यूज़ संवाददाता महंत रामजीवन दास की रिपोर्ट
शिक्षक दिवस के अवसर पर आर्यभट्ट कोचिंग सेंटर शोकहारा ,बी के एस क्लासेस, आई टी वल्ॾ में छात्र छात्राओं ने बड़ी धूमधाम से शिक्षक दिवस मनाया।
द्वितीय उपराष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया गया । जो महान दार्शनिक, और प्रसिद्ध शिक्षक और देश के द्वितीय राष्ट्रपति रहे। जिन्होंने अच्छे भवन, महंगे उपकरण या सुविधाओं से युक्त स्कूल नहीं चाहते क्योंकि इसस बच्चों को शिक्षा की प्राप्ति नहीं हो पाती। वलकि एक अच्छे स्कूल को बनाने में शिक्षकों की निष्ठा और समर्पण की भावना ही बच्चों के शिक्षा में निर्णायक सिद्ध होते हैं। शिक्षकों के लिए यह आवश्यक है कि, वह बच्चों को ज्ञान, विज्ञान, विवेक संवत आचरण के लिए हर संभव सूचित करें,। उनका कहना था की शिक्षको को निष्ठा और समर्पण की भावनाओं से छात्र-छात्राओं को सामाजिक मूल्य जैसे सत्य अहिंसा करुणा बंधुत्व तथा राष्ट्रीय एकता एवं विश्व मैत्री जैसी उत्तम भावनाओं का सम्मान करने के लिए प्रोत्साहित का कार्य करने के लिए शिक्षक अग्रसर रहे। कोचिंग सेंटर के प्राचार्य पीयूष आनंद ने अपने अन्य सहयोगियों के साथ बच्चों को सदैव मर्यादा की पाठ पढ़ते रहते हैं। माता-पिता एवं बुजुर्गों को सम्मान देना।
इस अवसर पर केक भी काटे गये।
आर्यभट्ट कोचिंग एवं आर्टस और साइंस की शिक्षा बच्चों को दी जाती है। इस केंद्र में लगभग 100 से अधिक बच्चे हैं। जिन्हें शिक्षा देने के लिए चार शिक्षक एवं तीन शिक्षिकाऐ है। शिक्षक दिवस के अवसर पर सभी बच्चों के बीच मिठाई, चॉकलेट एवं कलम ,पेंसिल वितरण किए गए। केंद्र में शिक्षकों द्वारा छात्र-छात्राओं को सबसे पहले माता-पिता को सेवा करने की बात सिखाई जाती है। क्योंकि माता-पिता ही ऐसे व्यक्ति होते हैं जो बच्चों को हमेशा आगे बढ़ते हुए देखना चाहते हैं। छात्र -छात्रा जब अच्छे मुकाम हासिल करते हैं तो शिक्षकों को भी खुशी मिलती है। यह कोचिंग सेंटर से पढ़ कर कई बच्चे शिक्षा प्राप्त कर अच्छे-अच्छे पदों को सुशोभित कर रहे हैं। जिन्हें यह ज्ञान हासिल है की एक दूसरे की सेवा, मर्यादा, और खुद को सम्मानित होने के लिए हर किसी का सम्मान करना सिखाया जाता है।
इस कोचिंग सेंटर से शिक्षा प्राप्त कर धर्मवीर कुमार, नीतू कुमारी शाहित दर्जनो छात्र- छात्राओं ने हर क्षेत्र में अपना और अपने परिजनों का नाम ऊंचा कर रहे हैं।



