Breaking Posts

6/trending/recent
Type Here to Get Search Results !

Photography

Sach Aaj Tak News राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर जी के महर्षि दयानंद और उनके महान ग्रंथ सत्यार्थप्रकाश पर विचार- स्वामी दयानंद सरस्वती ने अपने महान ग्रंथ सत्यार्थ प्रकाश मैं सभी मतों में व्याप्त बुराइयों का खंडन किया है।

राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर जी के महर्षि दयानंद और उनके महान ग्रंथ सत्यार्थप्रकाश पर विचार।

स्वामी दयानंद सरस्वती ने अपने महान ग्रंथ सत्यार्थ प्रकाश मैं सभी मतों में व्याप्त बुराइयों का खंडन किया है।

स्वामी जी ने साधारण जनमानस को भी अपनी ओर आकर्षित करने में सफलता पाई।

बरौनी/बेगूसराय/सच आज तक न्यूज संवाददाता महंत रामजीवन दास की रिपोर्ट। 

वेदों को छोड़ कर कोई अन्य धर्म ग्रन्थ प्रमाण नहीं है - इस सत्य का प्रचार करने के लिए स्वामी जी ने सारे देश का दौरा करना प्रारंभ किया और जहां-जहां वे गयें, प्राचीन परंपरा के पंडित और विद्वान उनसे हार मानते गये। संस्कृत भाषा का उन्हें अगाध ज्ञान था। संस्कृत में वे धाराप्रवाह बोलते थे। साथ ही वे प्रचंड तार्किक भी थे। उन्होंने ईसाई और मुस्लिम धर्मग्रन्थों का भी भली-भांति अध्ययन-मन्थन किया था। अतएव अकेले ही उन्होंने तीन-तीन मोर्चों पर संघर्ष आरंभ कर दिया। दो मोर्चे तो ईसाइयत और इस्लाम के थे ,किंतु तीसरा मोर्चा सनातनधर्मी हिंदुओं का था, जिनसे जूझने में स्वामी जी को अनेक अपमान, कलंक और कष्ट झेलने पड़े। दयानन्द ने बुद्धिवाद की जो मशाल जलायी थी, उसका कोई जवाब नहीं था। वे जो कुछ कह रहे थे, उसका उत्तर न तो मुसलमान दे सकते थे, न ईसाई, न पुराणों पर पलने वाले हिन्दू पण्डित और विद्वान। हिन्दू नवोत्थान अब पूरे प्रकाश में आ गया था। और अनेक समझदार लोग मन ही मन अनुभव करने लगे थे कि वास्तव में पौराणिक धर्म की पोंगापंथी में कोई सार नहीं है। स्वामी जी प्रचलित धर्मों में व्याप्त बुराइयों का कड़ा खण्डन करते थे, चाहे वह सनातन धर्म हो या इस्लाम धर्म हो या ईसाई धर्म हो। अपने महान ग्रंथ सत्यार्थ प्रकाश में स्वामी जी ने सभी मतों में व्याप्त बुराइयों का खण्डन किया है। उनके समकालीन सुधारकों से अलग, स्वामी जी का मत शिक्षित वर्ग तक ही सीमित नहीं था ,अपितु आर्य समाज ने आर्यावर्त (भारत) के साधारण जनमानस को भी अपनी ओर आकर्षित किया। (संस्कृति के चार अध्याय से उद्धृत)।



एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad

Breaking News

Ads Bottom