पिछले 1 सप्ताह से रुक रुक कर हो रही मूसलाधार बारिश से सिमरिया धाम मैं गंगा का स्तर मंगलवार को खतरे के निशान से 72 सेंटीमीटर ऊपर बहने की बात बताई जाती है दियारा क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों की घरों में भी अपनी सामान्य लगा है।
गंगा में आई जल के वहाव से उक्त क्षेत्र के किसानों की पशु चारा के लिए घर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
बरौनी/बेगूसराय/ सच आज तक न्यूज़ संवाददाता महंत रामजीवन दास की रिपोर्ट।
लगभग एक सप्ताह से रुक रुक कर हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कई नदियों का जरा स्तर खतरे के निशान से ऊपर चले जाने के कारण नदी किनारे के लोगों को घोर कठिनाइयों का सामना करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
मटिहानी क्षेत्र के 11 पंचायत वार्ड से प्रभावित हो चुके हैं जिस कारण वहां के निवासियों के घरों में भी गंगा का पानी समा गया है। किसानों को पशु चारा के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जबकि तेघरा प्रखंड के रात गांव पंचायत के भगवानपुर चक्की पूरी तरह से जलमग्न होने के कारण यहां के स्कूलों को बंद कर दिया गया है।
बताया जाता है कि उन स्कूलों में गर्मियों की छुट्टी नहीं होती है बाढ़ में ही छात्र-छात्राओं को छुट्टी दी जाती है। वही मधुरापुर के कई स्कूलों में बाढ़ को लेकर चल रहे स्कूलों में छात्र-छात्राओं को काफी परेशानियां बढ़ गई है। गंगा के जलस्तर में हो रहे बढ़ोतरी से लोगों में दहशत व्याप्त हो गया है। जबकि भगवानपुर चक्की बाढ़ के समय में जिला और प्रखंड एवं अनुमंडल मुख्यालय से कट जाता है। वहां के निवासियों के लिए एक मात्र सहारा नाव ही है। ग्रामीणों के अनुसार बाढ़ आने पर बिजली काट दी जाती है जिस कारण कीड़े मकोड़ों का समता रहता है। लेकिन अभी तक सरकारी सहायता के रूप में लोगों को कुछ भी प्राप्त नहीं हो सका है। इस प्रसंग में सीओ रवि शंकर के अनुसार बाद की स्थिति पर नजर रखी जा रही है ऊपर से निर्देश मिलते ही सभी स्तर की सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी। जबकि ग्रामीणों के अनुसार इस समस्या में कम से कम माचिस और मोमबत्ती की आपूर्ति भी करनी चाहिए थी। बाढ़ के कारण मधुरापुर दक्षिण बॉर्डर घाट, विचला टोला, बरौनी मधुरापुर पंचायत एवं पुवारी टोल के निवासियों को दोबारा बाढ़ आने से पशु चारा के लिए काफी संकट का सामना करना पड़ रहा है। जबकि जयनगर, मिर्जापुर, अमरपुर, गंगा प्रसाद आदि क्षेत्रों के लोगों को गंगा में दोबारा आई बाढ से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जबकि क्षमता दिया रे की सभी पंच पंचायत में बाढ़ के पानी के कार्य से पिछले 48 घंटे के भीतर डियर के बिशनपुर पंचायत पूरी तरह से जलमग्र हो चुकी है इस पंचायत की सभी सड़कों पर 3 फीट से 5 फीट तक बाढ़ का पानी बह रहा है सड़क पर नाव चलाने की नौबत उत्पन्न हो गई है लोग सड़क पर जमा पानी में थाह-थाह कर चलने को मजबूर है। बिशनपुर पंचायत के वार्ड संख्या एक निवासी मुखिया उदय कुमार राय के अनुसार गांव से गुजरने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क बाढ़ में डूब चुकी है। गांव में सड़क से लेकर लोगों के घर आंगन तक बाढ़ का पानी फैल चुका है। पंचायत के सभी वादों का सड़क संपर्क मुख्यालय से पूरी तरह भंग हो चुकी है। लेकिन अभी तक सरकारी तौर पर नव का भी परिचालन नहीं कराया गया है। लोगों को जरूरी कार्यों को लेकर गांव से बाहर आने जाने में निजी तौर पर चलाए जा रहे किराए के नाम से सफर करना मजबूरी बना हुआ है। नव की कमी के कारण पानी में डूबी हुई सड़क पर भी गहराई की लाठी के सहारे चलना पड़ता है।



