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Sach Aaj Tak News एसआईआर को कांग्रेस की पूर्व विधायक ने कहा 'स्कैम'

 एसआईआर को कांग्रेस की पूर्व विधायक ने कहा 'स्कैम'।

सच आज तक न्यूज संवाददाता मुकेश कुमार की रिपोर्ट

बेगूसराय को नगर की ार की पूर्व विधायक अमिता भूषण ने एक स्कैम बताते हुए मंगलवार को तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। श्रीमती भूषण ने कहा है कि कानूनी और संवैधानिक तौर पर यह आयोग की रूटीन प्रक्रिया है। जो मतदाता सूची को शुद्ध किये जाने के उद्देश्य से समय समय पर होता है। इसके माध्यम से मतदाता सूची को अद्यतन किया जाता है। जिससे सभी योग्य नागरिकों का नाम सूची में शामिल हो सके और अवैध या मृत व्यक्तियों के नाम हटाया जा सके। बाबजूद हम सब इसके खिलाफ है। राहुल गांधी सड़क पर है। प्रधानमंत्री और ज्ञानेश कुमार को खुलेआम सदन से सड़क तक चोर बोला जा रहा है। दरअसल पूरा मामला इस प्रक्रिया को हथियार बनाकर चुनाव को किसी विशेष दल के पक्ष में प्रभावित करने का है। जिसकी प्रवक्ता जैसा अमिता भूषण। पूरी पोल पट्टी राहुल गांधी ने आधिकारिक प्रेस वार्ता कर के खोल दी है। चुनाव आयुक्त सवालों के जवाब की जगह दल विशेष के व्यवहार और बेवकूफाना तर्क दे रहे है। यह समझने और नजर रखने की चीज है कि आखिर वोटर लिस्ट से घपला कैसे किया जा रहा है! दो साधारण लेकिन गंभीर बात है! औसतन एक विधानसभा में 350 बूथ होते है! अब पहला काम यह किया जा रहा है कि बूथ से चिन्हित मतदाताओं के 20 नाम काट दिये जाएंगे। चूंकि एक बूथ पर औसतन 1200 मतदाता है तो ज्यादा बड़ी बात नहीं दिखती है। अब उसी बूथ में 20 ऐसे मतदाताओं के नाम जोड़े जाते है । जिनका कोई अस्तित्व नहीं होता और वोटिंग के दिन विशेष दल को जिम्मेदारी दी जाती है कि आपको इनलोगों के नाम पर वोट करवाना है। इस हिसाब से हर बूथ पर तकरीबन 40 वोट एक पक्ष के बढ़ जाने है। इनका अगर 70 प्रतिशत भी क्रियान्वयन हुआ तो लगभग हर बूथ पर 25 से 30 वोट। एक बूथ के हिसाब से यह आंकड़ा छोटा दिखता है पर विधानसभा स्तर पर यह आंकड़ा 350 बूथ के हिसाब से लगभग 20 हजार वोटों का होता है। जो किसी भी क्षेत्र के रिजल्ट का रुख बदलने को पर्याप्त है। इस तरह एक बिल्कुल साधारण तरीके से पूरी मतदान प्रक्रिया को हाइजैक किया गया है। बेगूसराय विधानसभा के वोटर लिस्ट की छानबीन के क्रम में ऐसे सैकड़ों उदाहरण साक्ष्य के तौर पर है। जहां जिंदा लोगों को मरा घोषित किया गया है। शहरी इलाकों में ऐसे ज्यादातर केस मिले है। आयोग कहती है बीएलओ देख रहा है। 70 प्रतिशत बीएलओ को संघ की शाखा से उठाकर जिम्मेदारी दे दी गई है। पदाधिकारी को चुनाव प्रचार और रील बनाने से फुरसत मिले तब तो वो वोटर लिस्ट देखें। श्रीमती भूषण ने कहा की हमारे पास ऐसी सैकड़ो शिकायते दर्ज है बहुत जल्द इन साक्ष्यों।

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