बारो बाजार के सड़कों पर बारिश के पानी से जल जमाव होने से आवा- गमन में बढी परेशानी। आखिर वर्षा के मौसम में बाजारों के सड़कों पर क्यों जमती है पानी। सरकारी योजनाओं से बनने वाले नाले, सड़क के सतह से ऊंचा क्यों?
बरौनी/बेगूसराय/सच आज तक न्यूज संवाददाता महंत राम जीवन दास की रिपोर्ट ।
शनिवार के अर्धरात्रि से ही रुक-रुक कर हो रही मूसलाधार बारिश से बारो बाजार की सड़कें जलमग्न हो गई है।
बताया जाता है कि जब कोई सरकारी योजना आती है, और उस योजना से नाले का निर्माण कराया जाता है तो, स्थानीय जनप्रतिनिधि अपने फेवर के एक संवेदक को अपना कमीशन तय करके कार्य को सौंप देते हैं। एवं संवेदक द्वारा अपना फायदा देखते हुए जैसे तैसे नाले का निर्माण, नाले को सड़क के सतह से (गुणवत्ता से मतलब नहीं)ऊपर उठाकर कार्य संपन्न करते हैं। उन्हें इससे क्या मतलब की सड़क के सतह से नाले को ऊपर उठाने से बारिश के समय में सड़कों का क्या हाल होगा ? आम जनता को क्या परेशानी होगी, इसका ख्याल किए बिना नाले का निर्माण कराया जाता है, और जब बारिश के पानी से सड़कों पर नदी बहने लगती है, तो फिर स्थानीय जन प्रतिनिधियों में उहा-पोह की स्थिति देखी जाती है, क्योंकि आम जनता के साथ-साथ उन्हें भी सड़कों पर लगी जल जमाव के नदी से पार करना ही पड़ता है ।
सड़कों पर बारिश के पानी का जमावड़ा होने से राहगीरों को घुटने तक पानी में आवागमन करने को मजबूर होना पड़ रहा है। यहां तक की ई रिक्शा एवं ऑटो रिक्शा घुटने भर पानी से पार करने में कठिनाइयों का सामना करने से मजबूर हो जाते हैं। जबकि इस प्रसंग में स्थानीय जन प्रतिनिधियों से पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर कहते हैं कि, सड़क के किनारे बनाए गए नाले काफी ऊंचा है, और सड़क का स्थल नीचे हो जाने के कारण पानी का जमावड़ा हो गया है। इस प्रसंग में वार्ड पार्षद अशोक ठाकुर, वार्ड पार्षद रंजना देवी, मो० मोबिन अंसारी द्वारा बाजार में लगे पानी को देखकर चिंतित नजर आ रहे हैं। लेकिन अब पछताए हॉत क्या? जब चिड़िया चुग गई खेत?
बारो बाजार में बारिश के पानी जमा होने से शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र-छात्राओं को भी नदी पार करना ही पड़ता है। जिस कारण उन्हें घोर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बरौनी निपानिया की ओर से बारों की ओर जाने वाली मुख्य सड़कों पर बारिश के पानी से नदी का रूप ले लिया है।




