पूर्व मध्य रेलवे सोनपुर मंडल के बरौनी रेलवे आर पी एफ कर्मियों द्वारा लगभग 53 सालों से मनाया जा रहा है श्री कृष्ण जन्मोत्सव।
1970 के समय बरौनी रेलवे सुरक्षा बल के इंचार्ज सगीर उद्दीन ने रेलवे मैदान से सटे दक्षिणी माल गोदाम के पास भगवान श्री कृष्ण की प्रतिमा का पूजन प्रारंभ किया था।
उनके द्वारा सौहार्दता की मिसाल कायम करने से श्री कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव तभी से मनाया जाने लगा।
बरौनी रेलवे सुरक्षा बल के एक नंबर बैंरक में श्री कृष्ण जन्मोत्सव का उत्सव फिर मनाए जाने लगा।
बरौनी में श्री कृष्णा जन्मोत्सव का न्यू परने के बाद हीउसके बाद से धीरे-धीरे समस्तीपुर, सोनपुर, छपरा, बनारस, गोरखपुर, लखनऊ सहित कई सुरक्षा बल पोस्ट पर जवानों द्वारा यह उत्सव मनाया जाने लगा
जिसे 1993 वो 94 में बीबीसी लंदन के हिंदी समाचार से तेघरा बरौनी और गढहारा रेलवे सुरक्षा बल द्वारा मेला का उत्कृष्ट विवरण को दूसरे स्थान पर बताया गया।
लगभग नौ वर्ष पूर्व उप्त मेले में कव्वाली सहित दिग्गज सांस्कृतिक कार्यक्रमो का आनंद लाखों श्रद्धालुओं द्वारा लिया जाता था
एक डॉग इंचार्ज द्वारा सूचना अधिकार कर्मी को मेले के खर्च का हिसाब नहीं करने के कारण रेलवे से सूचना मांगने पर मेला को ठेकेदारी प्रथा में बदल दिया गया।
बरौनी/बेगूसराय/ सच आज तक न्यूज़ संवाददाता महंत राम जीवन दास की रिपोर्ट
लगभग 53 वर्षो पूर्व बरौनी आरपीएफ इंचार्ज सगीर उद्दीन चिश्ती द्वारा श्री कृष्ण की प्रतिमा रेलवे मैदान से दक्षिण माल गोदाम के पास सौहार्दपूर्ण वातावरण में पूजा अर्चना प्रारंभ करने के उपरांत अब यह भवय मेला का रूप धारण कर लिया है। लगभग 9 वर्षों पूर्व तक श्री कृष्ण की पूजन उत्सव में बड़े-बड़े सांस्कृतिक कलाकारों का सुभागवन होता रहा था, और दूर दराज से आने वाले, मेला का आनंद लेने वाले लाखों श्रद्धालुओं को अब सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद नहीं मिलता। क्योंकि बताया जाता है की रेलवे सुरक्षा बल के एक डॉग इंचार्ज द्वारा मेले का आमद खर्च का (आय-व्यय) हिसाब नहीं होने का शिकायत एक सूचना अधिकार कमी को देने पर सूचना अधिकार कर्मी द्वारा रेलवे से मेले में होने वाले आय- व्यय का हिसाब मांगने पर विभाग में हंगामा खड़ा हो गया,। जिस कारण कार्यक्रम में भाग लेने वाले बल के स्थानीय पदाधिकारी एवं उनके सहयोगी स्थानीय नेताओं में खलबली मच गई। सूचना मांगने के बाद मंडल के बड़ीय पदाधिकारी द्वारा पूजन को यथावत करने का आदेश पारित करते हुए मेला को उससे अलग कर दिया।
बताया जाता है की श्री कृष्ण जन्मोत्सव पूजन का उत्सव को मनाने की नींव राखने के उपरांत श्री कृष्ण जन्मोत्सव मनाने की परपंरा सी बन गई है। जिसे देश के मथुरा ,वृंदावन के बाद तेघरा एवं बरौनी गढहारा के मेले का स्थान दूसरे स्थान पर है। इन जगहों का मिश्रित उत्सव श्रद्धालुओं का प्रवाह करीब एक सप्ताह तक लगातार बना रहता है। क्षेत्र के बुजुर्गों ने अपने यादगार के अनुभव के आधार पर बताते हैं कि वर्ष 1993 और 1994 में बीबीसी लंदन के हिंदी समाचार सेवा से तेघरा बरौनी और गढहारा मेला का श्री कृष्ण जन्मोत्सव मेले को दूसरे स्थान पर बताया गया है। स्थानीय श्री कृष्ण जन्मोत्सव मेला 1991 से 1994 तक काफी प्रसिद्धि पाई है। इस बीच रेलवे सुरक्षा बल के निरीक्षक एस एन मिश्रा हुआ करते थे 2005 तक श्रद्धालुओं द्वारा लगभग एक सप्ताह तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेते रहते थे। जिसमें कव्वाली का कार्यक्रम काफी लोकप्रिय बना हुआ था। बाद में निरीक्षक एस न राय, बीएम शर्मा, राम जी शर्मा, राजेश लाल, एके शाही के कार्यकाल में भी आयोजित श्री कृष्ण जन्माष्टमी मेला को लोग अभी तक नहीं भूला नहीं पाए हैं।
बताते चलें कि लगभग 9 वर्षो पूर्व आरटीआई एक्टिविस्ट के द्वारा आय-वय की मांगी गई सूचना के बाद रेल विभाग ने निर्देश दिया कि रेल इकाई के द्वारा श्री कृष्ण जन्माष्टमी पूजा की व्यवस्था की जा सकती है। लेकिन उन्हें मेला लगाने का अधिकार नहीं मिलेगा? उसे दिन से स्थानीय संवेदको के द्वारा मेला लगाए जाने लगा है। इसके एवरेज में उपयोग में लाई जा रही रेलवे के जमीन के बदले रेलवे को राशि देनी पड़ती है ।तब से टेंडर होना शुरू हो गया ।अब मेला लगाना शुद्ध रूप से एक व्यवसाय हो गया है। स्थानीय आम लोगों के अनुसार आरटीआई एक्टिविस्ट द्वारा मेला संबंधित सूचना मांगने से स्थानीय संवेदको को फायदा होने लगा है। जिस पैसों से सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ करता था ,अब वह पैसा संवेदक के पास जाता है। क्योंकि वह पूंजी लगते हैं, और तब मेला लगाते हैं।
इस वर्ष 16 अगस्त को जन्माष्टमी बताया जाता है और फिर इसके साथ ही मेला की शुरुआत होगी।
बरौनी रेलवे मैदान में 17 अगस्त से लगने वाले छह दिवसीय श्री कृष्ण जन्मोत्सव मेले की तैयारी प्रारंभ हो गई है। वीदित हो कि बरसों से बरौनी गढहारा की पावन धरती पर श्री कृष्ण जन्मोत्सव मेला के दौरान लगातार 6 दिनों तक बरौनी- गढहारा, मथुरा वो वृंदावन में तब्दील हो जाती है।
बताया जाता है कि कुछ वर्षों से बरौनी तेघरा के साथ-साथ बरौनी गांव, फुलवरिया चंद्रवंशी चौक, दीनदयाल रोज काली स्थान, पंचदेव मंदिर राजेंद्र रोड, फुलवरिया ठाकुर बारी शहीत कई जगहों पर युवाओं द्वारा श्री कृष्ण जन्मोत्सव पूजन उत्सव मेला को लेकर विभिन्न प्रकार की प्रतिमाओं को स्थापित कर उनकी पूजा अर्चना की जाती है जहां भी लोगों को भगवान के प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित करने को अवसर मिलता है। इस मेले की रखवाली करने के लिए रेल प्रशासन के साथ-साथ, जिला प्रशासन, स्थानीय क्षेत्र के प्रशासन, एवं तीसरी आंख सीसीटीवी कैमरा जगह-जगह लगाई जा रही है।



