होनी को कोई टाल नहीं सकता? कौन जानता है किस समय,कहां पर, किस रूप में, किसकी प्राण पखेरू उड़ जाएंगे?
बरौनी नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 10 निवासी सहदेव शर्मा का पुत्र लगभग 37 वर्षीय प्रमोद शर्मा की मृत्यु छत से गिर जाने के कारण इलाज के दौरान हो गई।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं समाज सेवा में अग्रसर रहने वाले की मृत्यु उपरांत क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।,मृतक अपने पीछे एक पुत्र, एक पुत्री एवं पत्नी को छोड़ गए हैं।
बरौनी/बेगूसराय/सच आज तक न्यूज़ संवाददाता महंत रामजीवन दास की रिपोर्ट ।
बरौनी नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या-10 निवासी चर्चित बिल्डर कमी सहदेव शर्मा का छोटा पुत्र लगभग 37 वर्षीय प्रमोद शर्मा की मृत्यु अवध तिरहुत रोड स्थित नवनिर्मित एक निजी गोदाम में वेल्डिंग का कार्य करते हुए छत पर से नीचे गिर जाने के कारण बुरी तरह से घायल हो गया। सूचना मिलते ही परिजनों ने तत्क्षण स्थानीय, बेगूसराय, के उपरांत पटना में इलाज के लिए भर्ती कराया। जहां बुधवार को इलाज के दौरान उक्त घायल युवक की मृत्यु हो गई।
मृत्यु की खबर सुनते ही परिजनों ही नहीं क्षेत्र के लोगों में भी शोक की लहर दौड़ गई। बताया जाता है कि उक्त युवक सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अग्रणी था, साथ ही साथ लोगों के बीच सेवा भावना से भी अपना कार्य करता था।
मृतक अपने पीछे एक पुत्र एवं एक पुत्री छोड़ गए हैं। उनके पिता भी समाज में सेवा के भाव से ही हर कार्य को करते आए हैं। जिसको लेकर वह काफी चलचित्र रहे हैं। पर कहा गया है कि हनी तो हो कर रहे,:::::;;;;;;;;
सब दिन बिल्डर का काम करते हुए घटना के दिन भी उक्त युवक अवध तिरहुत रोड स्थित एक नवनिर्मित निजी गोदाम में वेल्डिंग का कार्य करने गया था। जहां उसके साथ यह घटना घटी।
घटना की खबर सुनते ही क्षेत्र के जाने-माने चर्चित लोगों के साथ ही सांस्कृतिक कार्य में संलग्न उनके साथ ही संगी एवं समाज के छोटे बड़े नरेरियों का जमावड़ा उनके आवास पर लग गया,। जहां लोगों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
कहा गया है कि मनुष्य योनि में आने के बाद एक दिन तो हर किसी को काल के गाल में समान ही है, चाहे बाल्यावस्था में, या फिर जवानी में या ब्रिज होने के बाद। लेकिन एक दिन तो सभी को जाना होगा कालों के गाल में? यही सच्चाई है?
बताया जाता है कि मृतक का पार्थिव शरीर जब उनके आवास पर लाया गया तो सैकड़ो की संख्या में हिंदू मुस्लिम समुदाय के लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर जुट गए।
इस अवसर पर मोहम्मद कम आजाद, अरविंद चौधरी, केशव शांडिल्य, फूल कुमार चौधरी, रोशन मिश्रा आदि लोगों ने भी नाम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।




