पटना से जयनगर के बीच एक और ट्रेन चलाने को लिखा पत्र
आदि कुंभस्थली सिमरिया गंगा तट पर आवागमन को लेकर मिथिलांचल क्षेत्र के दरभंगा, मधुबनी व जयनगर से आवश्यकता अनुसार ट्रेनों का परिचालन नहीं होने से मिथिलांचल क्षेत्र के श्रद्धालुओं में रेलवे व केन्द्र सरकार के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। इस संबंध में मां गंगा सिमरिया घाट सेवा समिति के महासचिव रामजी झा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र व संदेश भेजकर सुबह में पटना से राजेन्द्र दिन में एक और ट्रेन चलाने की मांग की है। कहा है कि सिमरिया गंगा तट की रौनक मिथिलांचल क्षेत्र के सुपौल समेत पड़ोसी देश नेपाल तक के हजारों श्रद्धालुओं को रोजाना सिमरिया धाम आवागमन करने से बदी रहती है लेकिन जयनगर से पटना से राजेन्द्र पुल स्टेशन होते हुए जयनगर तक दिन में ट्रेन चलाने की मांगपड़ोसी देश नेपाल तक के श्रद्धालुओं को रोजाना सिमरिया धाम आवागमन रहती है सिमरिया धाम का समीपवर्ती राजेन्द्र पुल रेलवे स्टेशन। सिमरिया धाम आने वाली धुरियांन ट्रेन सुबह में 2:30 बजे राजेन्द्र पुल स्टेशन पर रुकती है। इसके बाद फिर सुबह में ही राजेन्द्र पल स्टेशन से जाना जाने वाली धुरियांन ट्रेन ही 4:30 बजे राजेन्द्र पुल स्टेशन पर पहुंचती है। इस दौरान रात में ढाई बजे गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को जल्दबाजी में ही गंगा स्नान कर फिर सुबह में ही धुरियांन ट्रेन पकड़ने के लिए 4:30 बजे राजेन्द्र पुल स्टेशन आना पड़ता है।महासचिव श्री झा ने श्रद्धालुओं की समस्याओं को बताते हुए कहा है कि राजेन्द्र पुल स्टेशन से जयनगर स्टेशन की ओर दिन में वापस जाने वाली ट्रेन नहीं रहने की वजह से रात के अंधेरे में ही श्रद्धालुओं को आवागमन के साथ अंधेरे में ही गंगा स्नान कर वापस को लूटपाट समेत कई तरह की परेशानी को झेलना पड़ता है। इसके अलावा सुबह में गंगा स्नान के बाद अगर किसी श्रद्धालु की धुरियांन ट्रेन छूट गयी तो उसे दिनभर ट्रेन का इंतजार करने के बाद रात में 8:30 बजे कमला गंगा इंटर सिटी ट्रेन से वापस लौटना पड़ता है। कहा कि पूर्व में दानापुर-जयनगर एक्सप्रेस ट्रेन पटना से सुबह सात बजे चलकर राजेन्द्र पुल स्टेशन पर 10 बजे पहुंचती थी। कोरोना के बाद उक्त ट्रेन के मार्ग में परिवर्तन हो जाने से सिमरिया से जयनगर तक आवागमन करने वाले बुजुर्ग श्रद्धालुओं को अधिक



