समाज सेवा एवं राष्ट्रभक्ति से ओत्प्रोत व्यक्ति को याद किया गया।
गरीबों के मसीहा एवं भगवान शंकर के पुजारी रामविलास राम की श्रद्धांजलि सभा मनाई गई।
बरौनी/बेगूसराय/ सच आज तक न्यूज़ संवाददाता महंत रामजीवन दास की
। कहते हैं कि बिछुड़ते वक़्त भी अपनों को रुला कर चले गए। मनुष्य योनि में आने के बाद उनके कृतियां, कर्म एवं राष्ट्र सेवा ही आम जनों के बीच उनकी याद दिलाती है।
बरौनी नगर परिषद क्षेत्र के फुलवरिया गंज निवासी, रेलवे से सेवा मुक्त समाजसेवक एवं गरीबों के हितैषी एवं भाजपा के बरौनी नगर मंडल के उपाध्यक्ष रामविलास राम के मृत्यु उपरांत उनके द्वादश कर्म के दिन भारतीय जनता पार्टी के एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने उनके तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर अश्रु पूर्ण नेत्रों से उन्हें श्रद्धांजलि दी।
कहा जाता है कि जो अच्छे कर्म करते हैं ,उनके कर्मों को याद कर लोग श्रद्धांजलि देते हैं। ऐसे ही एक इंसान बरौनी नगर परिषद क्षेत्र के फुलवरिया गंज निवासी सेवा मुक्त रेल कर्मी, समाज सेवक एवं राष्ट्रभक्त जो अपने पीछे पत्नी, पंच पुत्र एवं एक अविवाहित पुत्री सहित भरा पूरा परिवार छोड़कर मानवीय संसार को अलविदा कह दिया, उनके द्वादश कर्म के दिन भारतीय जनता पार्टी बरौनी नगर मंडल के अध्यक्ष कुंदन पोद्दार की अध्यक्षता में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। एवं मंच संचालन महामंत्री रामानंद सिंह ने की, इस अवसर पर बरौनी नगर मंडल सहित बरौनी ग्रामीण मंडल एवं संगठन के कई बुजुर्ग नेता भी उपस्थित थे। मंच पर संगठन के तेघरा मंडल के पूर्व अध्यक्ष डॉक्टर जर्मन सिंह, महामंत्री महंत रामजीवन दास, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ वो भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता शोकहारा दो निवासी हेमंत राय, वरिष्ठ नेता कृष्णनंदन सिंह, निपानिया मधुरापुर के पूर्व मुखिया विनय सिंह, कुंदन पोद्दार, कुंदन प्रसाद सिंह, रामानंद सरदार , पूर्व मंडल अध्यक्ष ओमप्रकाश एवं बरौनी ग्रामीण मंडल के महामंत्री, विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के रोशन मिश्र सहित उनके सहयोगी और समाज के सैकड़ो बुजुर्ग उपस्थित थे। जिन्होंने स्वर्गीय राम विलास राम के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें अश्रुपूर्ण नेत्रों से भावविनी श्रद्धांजलि अर्पित की, एवं उनके द्वारा किए गए समाज सेवा, संत सेवा एवं राष्ट्र सेवा को याद करते हुए उनके किए गए गुनो का बखान किया।
कहा जाता है कि जाने चले जाते हैं कहां, मानवी संसार से जाने वाले, रह जाते है सिर्फ उनके द्वारा किए गए कर्मों की ही निशानी। आखिर अच्छे कर्म करने वाले को ही याद किया करते हैं समाज के लोग।
कर्म किए जा,फल की इच्छा, मत कर ऐ इंसान, जैसा कर्म करेगा, वैसा याद करेगा,जगत में रहने वाले इंसान।



