खेतों में लगी फसले तो बर्बाद हो ही रही है वही गंगा किनारे में बसे ग्रामीणों के घर भी गंगा में विलीन होने पर है।
बरौनी/बेगूसराय/सच आज तक न्यूज़ संवाददाता महंत राम जीवन दास की रिपोर्ट
तेघरा थाना क्षेत्र के मधुरापुर बॉलंर्डर घाट में तीव्र गति से गंगा की धारा में उफान आ गया है, जिस कारण जोर -शोर से कटाव भी जारी है। गंगा के कटाव के कारण मधुरापुर दक्षिणबाड़ी टोला के किसानों में हाहाकार मचा हुआ है। गंगा में आई उफान के कारण दियरा क्षेत्र के खेतों में लगी फसले तो बर्बाद हो ही रही है, जबकि गांव के निवासियों का घर भी गंगा में विलीन होने पर है, जिस कारण ग्रामीणों में भय का वातावरण सुमाया हुआ है। बाढ़ की खबर पाकर तेघड़ा विधानसभा के विधायक राम रतन सिंह एवं बछवारा विधानसभा के विधायक शह बिहार सरकार के खेल मंत्री सुरेंद्र मेहता भी बाढ़ का निरीक्षण करने पहुंच चुके हैं । जिन्हें किसानो ने बाढ़ से होने वाले नुकसान के प्रसंग में अपना-अपना दुखड़ा सुनाया। किसानों के अनुसार हो रहे इस भीषण कटाव पर गर तत्काल प्रभाव से बचाव का कार्य नहीं किया गया तो गंगा के लपेटे में आने के बाद फसले तो बर्बाद होगी ही, साथ ही साथ पशुओं के चारे का भी अकाल पड़ जाएगा, इतना ही नहीं अगर गंगा का कटाव इसी तरह से जारी रहा तो किसानों के बने बनाये घर मकान भी गंगा में विलीन हो जाएंगे, और तब फिर ग्रामीणों एवं उनके बाल बच्चों को खुले आकाश के नीचे रहने को मजबूर होना पड़ेगा। सर्वेक्षण के बाद विधायक ने इस बात को विधानसभा में उठाने की बात कही, वही खेल मंत्री ने मंत्रिमंडल में इस बात की चर्चा करने एवं समाधान करने की बात कही। इस अवसर पर अपने सहयोगियों के साथ मथुरापुर पिचला टोल निवासी भारतीय जनता पार्टी के नेता कृष्णनंदन प्रसाद सिंह भी उपस्थित थे, जिन्होंने अपनी ओर से भी दोनों नेताओं को गंगा के कटाव से हो रहे कठिनाइयों को निवारण के लिए आवाज उठाने की बात कही । ताकि हो रही गंगा के कटाव से ग्रामीण किसानों को राहत मिल सके।
इस प्रसंग में किसान मंतोष सिंह, राजीव सिंह ,व सुधीर सिंह सहित दर्जनों किसानों के अनुसार गंगा में बढ़ते जलस्तर से निचले इलाकों में पानी फैलने लगा है, किसानों के अनुसार लगभग एक सप्ताह से हो रहे जबरदस्त कटाव के कारण गंगा के उत्तरी घाट पर कई बीघे जमीन घटाव की भेंट चढ़ गए हैं ,जबकि दक्षिणी भाग में जलस्तर बढ़ने से खेतों में लगे परवल ,मक्का सहित पशुओं का चारा आदि डूबने लगे हैं। बाढ़ आने से दियरा क्षेत्र की करीब 60000 से अधिक की आबादी को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लोगों का आवा- गवन के लिए सिर्फ नाव ही एक सहारा रह जाता है। पशुओं की चारा लाने दियारा क्षेत्र जाना आवश्यक ही होती है जो खतरे मोल लेकर ही नाव से अपना कार्य करने को मजबूर होना पड़ता है। इलाके के जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद भी बचाव के लिए स्थाई उपाय अभी तक नहीं किया जा सका हैं। सरकारी अस्तर से बदइंतजामी के कारण अब फसले भी डूबने लगी है। कटाव से बचाव को लेकर अब तक पर्याप्त कोई भी व्यवस्था नहीं की जा सकी है ,जिस कारण रिंग बांध पर भी लगातार खतरा बनता जा रहा है। बताया जाता है कि गंगा किनारे बसे अयोध्या, बदलपुरा, मधुरापुर दक्षिण, पिछला टोला, पुवारी टोला के किसानों में हा हा कार मचा हुआ है। वहीं कुछ ग्रामीणों के अनुसार प्रशासनिक अधिकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि घाट पर आकर भी अपनी केवल उपस्थित दर्ज करा रहे हैं। बचाव का कार्य अभी तक नगण्य है।


