बरौनी नगर परिषद के वार्ड पार्षद,मुख्य पार्षद।उपमुख पार्षद में एक दूसरे के विरोध के कारण क्षेत्र का विकास अवरुद्ध हो चुका है।
वार्ड पार्षद एक दूसरे पर फेसबुक एवं सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर संगीन आरोप लगा रहे हैं।
1 वार्ड पार्षद द्वारा जनता का वीडियो बनाकर यह कहते हुए दर्शाया गया है कि पार्षद महोदय ने आवास योजना में मुझसे ₹25000 की मांग की है।जिसमें₹15000 दे भी चुका हूं।
बरौनी/बेगूसराय/ सच आज तक न्यूज़ संवाददाता महंत रामजीवन दास /
बरौनी नगर परिषद का गठन होते ही पार्षदों द्वारा एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाकर वीडियो वायरल कर लूट मचाये हुए बताए जाते हैं।
1वार्ड पार्षद ने फेसबुक पर डाले गए वीडियो में यह भी कहते सुने जा रहे हैं कि हमें पार्षद के गुरुगे द्वारा अपने पद से इस्तीफा देने ,नहीं तो अंजाम भुगतने का धमकी दे रहे हैं। लेकिन मैं किसी के धमकी के आगे अपने विकास के कार्य को अवरुद्ध नहीं करूंगा।
अब तो बरौनी नगर परिषद क्षेत्र का जनता उच्च अधिकारियों के ऊपर नजर गराये हुए हैं कि इतना शोर शराबो के बाद भी आखिर बड़ीय पदाधिकारीयो का ध्यान इस पर क्यों नहीं जा रहा है। जबकि शीघ्र इसकी जांच कराई जानी चाहिए ।तभी मामला शांत होगा नहीं तो किस समय कौन सी घटना घट जाए यह कहना मुश्किल लगता है, जैसा आरोप- प्रत्यारोप का दौर चल रहा है, उसमें कुछ भी कहना मुश्किल है।
बरौनी नगर परिषद के वार्ड पार्षदों में फेसबुक एवं सोशल मीडिया पर घमासान, एक दूसरे के बिरोध मे कर रहे हैं। वीडियो वायरल।
बताते चले कि बरौनी नगर परिषद क्षेत्र की आम जनता बरसों से आश लगाए हुए थी कि बरौनी नगर परिषद जब बनेगा तो क्षेत्र का विकास होगा ? परिषद का गठन होते ही आम जनता ने पुराने लोगों को दरकिनार कर नए युवाओं को विकास के लिए अपना मतदान किय? लेकिन उन्हें क्या पता था की पुराने से ज्यादा युवा वर्ग ही कमीशन के लिए एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाते हुए लूट मचा देंगे,और जनता पूर्व से भी बंत्तर स्थिति में विकास के लिए तड़पती रहेगी।
परिषद का गठन होते ही महिला उपमुख पार्षद ने मुख्य पार्षद एवं पदाधिकारी पर आरोप लगाते हुए अपने समकझओ की बैठक और शिकायत करके आरोप लगाना शुरू कर दिया। फिर कचरा उठाने वाला वाहन पर जानवरों का चारा ढोये जाने का वीडियो वायरल हुआ। फिर एक वार्ड पार्षद पर एक युवक के साथ आप्राकृतिक योणाचार्य का आरोप लगा, जिसमें उन्हें जेल भी जाने की बात बताई जाती है। फिर कई योजनाओं को लेकर जनता द्वारा हो हल्ला ही नहीं बल्कि उपमुख्य पार्षद को सड़क पर बह रहे गंदे पानी में व्यायाम करवाया गया। वही बरौनी मिर्चाइया चौक से फुलवरिया चंद्रवंशी चौक तक मुख्य सड़क पर होने वाले कार्य का योजना में सूचना अधिकार के तहत घोटाला उजागर होने की चर्चा भी हुई। तब एक पार्षद ने सोशल मीडिया पर पत्र लिख कर मुख्य पार्षद को चोर तक कह डाला, इसी बीच एक पार्षद के वार्ड में जनता द्वारा आवास योजना में पार्षद के द्वारा₹25000 घूस मांगने का एवं ₹15000 ले लेने का वीडियो वायरल हुआ। जो सोशल मीडिया पर धूम मचा दिया। जिसको लेकर उक्त वार्ड पार्षद द्वारा फेसबुक पर वीडियो वायरल कर एक वार्ड पार्षद पर कई तरह के गंभीर आरोप लगाते हुए अपने को बेकसूर बताए। उक्त वार्ड पार्षद ने अपने समकक्षी पार्षद पर योजना के पैसे से बुलेट मोटरसाइकिल ,घर में फ्रिज एसी लगाने का आरोप का वीडियो वायरल हो रहा है। यह सब देखकर बरौनी नगर परिषद क्षेत्र की जनता टुकुर,- टुकुर सभी वार्ड पार्षदों ,मुख्य पार्षद एवं उपमुख्य पार्षद पर चिंतन मंथन कर रहे हैं की क्या हो गया ,सोचा था की नगर परिषद बनने पर क्षेत्र का विकास होगा ,लेकिन यहां तो लूट मची हुई है ।इतना ही नहीं कमीशन के चक्कर में एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप के फेरे में क्षेत्र का कार्य अवरुद्ध पड़ा है। विकास की आस लिए जनता बरौनी नगर परिषद को बरौनी नरक परिषद कहना शुरू कर दिया है। लेकिन एक बात जरूर समझ में आ रही है की पाप छुपतानहीं। लाख छुपाओ चुप नहीं सकता भ्रष्टाचार कितनो गहरा, असली बात बता देता है उनकी नकली चेहरा।आरोप प्रत्यारोप में सच्चाई सामने आने लगी है। एक बुजुर्ग ने अपना नाम नहीं छापने के शर्त पर बताया कि जब पार्षद द्वारा अपने जोड़ीदार पार्सद पर योजनाओं के पैसे से बुलेटमोटरसाइकिल ,फ्रिज एवं एशी लगाने का आरोप लगा रहे हैं तो फिर जिस समय यह कार्य वह कर रहे थे उस समय क्यों नहीं इस बात को समाज के बीच रखा गया। जब आवास योजना में उन पर घूस लेने का आरोप लगा, तब वह अपने विरोधी वार्ड पार्षद पर तरह-तरह का आरोप लगाने लगे ,इससे तो साबित होता है की विकास कार्य में घोटाला कहीं ना कहीं आवश्य है और आपस में एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप से यह साबित होता है कि पब्लिक को मूर्ख बनाकर वार्ड पार्षद एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप कर रहे हैं। चर्चा तो यह भी आम जनता में है की सफाई कर्मियों को जो पैसा मिलता है उसमें भी वार्ड पार्षद अपने-अपने क्षेत्र के सफाई कर्मी से कमीशन लेते हैं। आखिर मामला जो भी हो यह तो संघन अनुसंधान का विषय है ।लेकिन बरौनी नगर परिषद जो आशा और विश्वास के साथ आम जनता ने लोगों को अपना मत देकर विकास कार्य करने के लिए आगे बढ़ाया था ।अब उनके पास रोने के सिवा और कुछ नहीं बचा। चर्चा है कि गलत करने वाले से ज्यादा गलत को छुपाने वाले को सजा होती है।


