दिनकर पुस्तकालय सिमरिया में मुचकुंद मोनू स्मृति ग्रीष्मकालीन नाट्य कार्यशाला का उद्घाटन।
बीहट। सच आज तक न्यूज़ संवाददाता यदुनंदन कुमार।
गुरूवार को आगत अतिथियों ने किया। उद्घाटन सत्र के पूर्व अतिथियों ने पुस्तकालय परिसर में पौधारोपण किया तत्पश्चात मुचकुंद मोनू के तैल्य चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता दिनकर पुस्तकालय के अध्यक्ष विश्वंभर सिंह एवं संचालन सचिव संजीव फिरोज ने किया। स्वागत भाषण वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण प्रियदर्शी ने किया। आगत अतिथियों को पौधा देकर सम्मानित किया गया। कार्यशाला में ग्लोबल आर्ट गढ़हरा एवं दिनकर अभिनय कला केंद्र सिमरिया के कलाकार सहयोग कर रहे हैं। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए जसम के राज्य सचिव दीपक सिन्हा ने कहा कि नाटक के माध्यम से डर खत्म हो जाता है। वहीं व्यक्तित्व विकास में नाटक का अहम योगदान है। आकाशगंगा रंग चौपाल एसोसिएशन के सचिव गणेश गौरव ने कहा कि कला के किसी भी विधा में जुड़ने से कोई भी युवा गलत रास्ते पर नहीं जाता है। एक बेहतर मनुष्य बनने में नाटक का बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका होती है। नगर परिषद बीहट के उपमुख्य पार्षद ऋषिकेश ने कहा कि नाटक से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। रंगमंच हमें बेझिझक बात करने की सीख देती है। एजीआरसीए के संयोजक डा. कुंदन कुमार ने बच्चों को प्रेरित करते हुए नाटक के फायदे बताया। उन्होंने कहा कि कला के क्षेत्र में भी रोजगार की अपार संभावनाएं होती है। कार्यक्रम में कवि देवेन्द्र कुंवर ने कविता पाठ किया वहीं राजेन्द्र राय नेताजी, विशुनदेव राय ने बच्चों को प्रोत्साहित किया। कार्यशाला के प्रशिक्षक रोहित वर्मा, रवि वर्मा एवं राधे कुमार ने बच्चों को कला का गुर सिखाया। कार्यशाला में मनीष कुमार, प्रियव्रत कुमार, राजू कुमार, कुणाल कुमार, मोहित कुमार, रमण कुमार, रजनीश कुमार, विजेन्द्र कुमार ने सहयोग किया। कार्यशाला का समापन 17 जून को होगा। इस अवसर पर बच्चे नाटक की प्रस्तुति करेंगे।


