स्वच्छता पर्यवेक्षक महासंघ की प्रखंड बैठक, वक्ताओं ने कहा पर्यवेक्षक स्वच्छता अभियान जैसी महत्वपूर्ण योजना को धरातल पर उतरने में आम भूमिका निभाते हें, बावजूद हमें एक दिहाड़ी मजदूर के बराबर भी मानदेय नहीं मिलता। बैठक में स्वच्छता पर्यवेक्षकों की समस्यायों को प्रमुखता से उठाया गया।
तेघड़ा/ बेगूसराय सच आज तक न्यूज़
प्रखंड के अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र गौरा एक में स्वच्छता पर्यवेक्षक महासंघ की प्रखंड स्तरीय बैठक प्रखंड अध्यक्ष हरवंश कुमार की अध्यक्षता में की गई। बैठक में प्रखंड के सभी स्वच्छता पर्यवेक्षकों ने भाग लिया। जिसमें संगठनात्मक ढांचे को मजबूती प्रदान करने, स्वच्छता पर्यवेक्षकों की विभिन्न समस्याओं से संबंधित एक प्रस्ताव रखा गया जो सर्वसम्मति से पारित किया गया। इसके अलावे बैठक में संगठन की भूमिका व उसके संचालन पर विशेष चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए हरवंश कुमार ने पर्यवेक्षकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि हम मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छता अभियान जैसी महत्वपूर्ण योजना को धरातल पर उतरने में अहम भूमिका निभाते हें। लेकिन इसके बावजूद हमें एक दिहाड़ी मजदूर के बराबर भी मानदेय नहीं मिलता। पिछले 2024 में 11 महीना का लंबित मानदेय नहीं मिला है। जिससे सभी कर्मी आर्थिक संकट से जूझ रहे हें। संघ के महासचिव रिक्की कुमार ने कहा कि स्वच्छता कर्मियों को 2022 में जो सफाई कार्य में सुरक्षा को लेकर जो सुरक्षा किट उपलब्ध करवाया गया था वह जर्जर स्थिति में है। सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने में लगे कर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर गांव और समुदाय को स्वच्छ बनाने में लगे हैं लेकिन कभी भी ये कर्मी गंभीर बीमारी के चपेट में आ सकते हें। इन्होंने सरकार से कर्मियों की सुरक्षा को लेकर बुट, ग्लव्स सहित सभी सुरक्षा किट मुहैया कराने की मांग की। बैठक के अंत में विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर रणनीति तय कि गई। बैठक में रामप्रवेश ठाकुर,रंजीत कुमार, अविनाश कुमार, दिलीपकुमार, कन्हैया शर्मा, अमन कुमार, अरुण कुमार, बिट्टू कुमार, विकास कुमार, दीनानाथ पासवान आदि मौजूद थे।


